Skip to main content

151 नये कोरोना संक्रमितों की पहचान,1290 स्वस्थ होकर लौटें

 

हरिद्वार। जनपद में कोरोना संक्रमण के मामले में लगातार कमी आने लगी है। दूसरी लहर के धीमा होने का असर यहा भी हुआ है। सोमवार को जनपद में 151 नये कोरोना संक्रमितों की पहचान की गयी, साथ ही 06 कोरोना मरीजों की मौत हो गई। इसके सापेक्ष 1290 कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने पर राहत मिली। पिछले कुछ दिनों से जनपद में मौजूद एक्टिव मरीजों की संख्या में भी कमी आयी है। जनपद में करीब 25 दिनांे तक जनपद में कोरोना संक्रमितों का आॅकड़ा लगातार बढ़ने के बाद पिछले पांच दिनों से संक्रमितों की संख्या में कमी आयी है। सोमवार को जनपद में 151 कोरोना मरीजों की पहचान की गयी। वही 1290 मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया। लेकिन जांच के लिए सैम्पल भेजने की रफ्रतार काफी धीमा हो गया है। हरिद्वार जनपद सीएमओ कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार सोमवार को 151 कोरोना मरीजों की पहचान के साथ ही जनपद में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 49152 हो गयी है। अभी करीब साढे तीन हजार लोगों के सैम्पल की जांच रिर्पोट का इंतजार है। सोमवार को कोविड केयर केन्द्रों से 25 तथा होम आइसोलेशन से 1265 कुल 1290 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। अभी भी होम आइसोलेशन में 4164 कोविड मरीज उपचार करा रहे है। जनपद में सोमवार को 151 कोरोना के नये संक्रमितों की पहचान की गयी, इनमे एक बार फिर रूड़की क्षेत्र में सबसे अधिक 39 पाॅजिटिव पाये गये है। जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या कुल 49152 हो गयी है,जबकि एक्टिव  5481 से घटकर 4381 हो गयी है। जनपद में इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 49152 हो गयी है। सोमवार को 5704 लोगों के सैम्पल कोविड जांच के लिए भेजे गये है। फिलहाल अब तक 3411 व्यक्तियों के सैपल का परिणाम आने बाकी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.एस.क.ेझा के अनुसार जनपद में कटेंनेमेंट जोन की संख्या घटकर 27 हो गई है। सोमवार को हरिद्वार अर्बन में 15, बहादराबाद में 32,रूड़की क्षेत्र में 39, भगवानपुर क्षेत्र में 09,लक्सर क्षेत्र में 09,नारसन में 19 के अलावा 27 अन्य राज्यों पाॅजिटिव केस शामिल है। सोमवार को 45 साल से उपर के 217829 व्यक्तियों का टीकाकरण हो किया जा चुका है। वही 18 से 44 साल के युवाओं का टीकाकरण वैक्सीन नही आने के कारण रूक गया है। पिछले तीन दिन से इन वर्ग के लाभार्थियों का टीकाकरण नही हो पा रहा है।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक