गंगा सप्तमी के मौके पर गंगाजी का दुग्धाभिषेक की कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना

 

हरिद्वार। प्राचीन हनुमान मंदिर के महंत रविपुरी महाराज ने गंगा सप्तमी पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर पूजन किया और कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना की। हनुमान घाट पर कोरोना के कारण इस वर्ष गंगा सप्तमी के मौके पर सूक्ष्म रूप से कार्यक्रम आयोजित किया गया। हनुमान मंदिर के महंत रविपुरी महाराज के सानिध्य में सीमित संख्या में भक्तगणों ने गंगा में दुग्धाभिषेक कर पूजन किया। इस अवसर पर महंत रविपुरी महाराज ने कहा कि गंगा सप्तमी के दिन गंगा में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं। स्नान करने से मनुष्य को सभी दुखों से मुक्ति मिलती है। मां गंगा को मोक्षदायिनी भी कहा जाता है। इसलिए इस दिन पूजा-अर्चना करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कुंडली में मौजूद अशुभ प्रभाव से मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने कहा कि जीवनदायिनी गंगा के दर्शन मात्र से सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। गंगा सप्तमी पर दान-पुण्य करने से मनुष्य को उसका फल कई जन्मों तक मिलता है। महंत रविपुरी महाराज ने कहा कि गंगा सप्तमी पर देश को कोरोना से मुक्ति के लिए मां गंगा से विशेष कामना की गई है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही देश कोरोना से जीतेगा। कोरोना के प्रति सावधानी से ही इसे हराया जा सकता है। इसलिए मास्क जरुर पहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। बिना वजह घरों से बाहर न निकलें। गंगा सप्तमी पर धर्मनगरी के लोगों को गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी पौराणिक मान्यताओं का प्रतीक है। गंगा को अविरल बहने दे। गंगा में किसी भी प्रकार का प्रदूषण ना करें। महंत रविपुरी महाराज ने कहा कि सभी की सहभागिता से गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है। प्रत्येक नागरिक गंगा के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाए। इस अवसर पर अंकित पुरी, पंडित रमेश जोशी, पंडित सुधांशु शर्मा, पूर्व पार्षद अमन गुप्ता, अंकित गुप्ता, शशांक शर्मा आदि उपस्थित रहे।


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