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शदाणी दरबार तीर्थ में ऑनलाइन आरंम्भ हुआ 12वां ज्ञानवर्धक शिविर

 

हरिद्वार। हिन्द व सिंध के 312 वर्ष प्राचीन शदाणी दरबार मंदिर के नवम पीठाधीश्वर संत डॉ युधिष्ठिरलाल जी महाराज द्वारा बच्चों व विद्यार्थियों के उठान के लिए शुरू किया गया अभियान जारी हैं अभियान के तहत 12 वाँ वार्षिक सेशन संत तख्तलाल मंगल भवन में पुज्य गुरु जी अशीर्वादिक उदबोधन से आरंभ हो गया। यह शिविर 15 दिन चलेगा, जिस में देश के अलग अलग शहरों से, मोटिवेशनल स्पीकर, व योगा टीचर, व संत जन बच्चों को धार्मिक व सामाजिक उठान के लिए शिक्षा देंगे। शदाणी दरबार के सेवादार अमरलाल शदाणी ने बताया कि शदाणी दरबार का सदैव यह प्रयास रहता है कि बच्चे एक मजबूत समाज की नींव होते हैं  और आज के कठिन परिस्थितियों में यह ओर भी आवश्यक होता कि बच्चे मानसिक व शाररिक रूप से मजबूत हों। शिविर के पहले दिन एम्स रायपुर से डॉ कार्तिका वैष्णव ने बच्चों को धर्म से जुड़ कर अपना आत्मविश्वास से परिपूर्ण जीवन जीने की कला सिखाई। उन्होने बच्चों के सवालों के जवाब दिए। गत दिवस मंगलवार को इंटरनेशनल मोटीवेशनल स्पीकर डॉ अजय शाह ने स्वंय पर कैसे जीत पायी जाये, इसके गुर बच्चों को सिखाए। शदाणी दरबार के नवम पीठादीश्वर संत डॉ युधिष्ठिरलाल जी महाराज ने सेवकों को अपने बच्चों को समाज के अच्छा नागरिक बनाने के लिए किया करना चाहिए, उस के बार मे ज्ञान व आशीर्वाद दिया। ऑनलाइन मंच का संचालन कर रहे डॉ किरन शदाणी व बूंटी गाबड़ा ने शिविर में भाग लेने वाले बच्चों और मेहमानों का स्वागत किया।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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