महामण्डलेश्वर स्वामी रुपेन्द्र प्रकाश महाराज ने किया मेगा इन्वायरमेंटल टाॅक शो लाॅच

 

हरिद्वार। प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम में आश्रम के परमाध्यक्ष श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के महामण्डलेश्वर स्वामी रुपेन्द्र प्रकाश महाराज ने मिशन ग्रीन फाऊंडेशन के सचिव प्रद्युमन सुरी के साथ विश्व के सबसे बड़े मेगा इन्वायरमेंटल टॉक शो को लांच किया। प्रद्युमन सुरी ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले इस मेगा इन्वायरमेंटल टॉक शो से भारत के 35 प्रसिद्ध संत लाइव जुड़ेंगे और पर्यावरण संरक्षण संबंधी अपने विचार रखकर आम जनमानस को संदेश देंगे। महामण्डलेश्वर स्वामी रुपेन्द्र प्रकाश महाराज, वेद निकेतन धाम के परमाध्यक्ष स्वामी विजयानंद सरस्वती, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रविन्द्र पुरी व निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी आदि के अलावा अनेक साधु संत राष्ट्र को पर्यावरण युक्त पॉलिथीन मुक्त का संदेश देंगे। म.म.स्वामी रुपेन्द्र प्रकाश महाराज ने कहा कि सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए कि बच्चों को किसी भी स्कूल में दाखिला तभी मिले जब उसके माता-पिता ने पांच पौधे लगा लिए हों और छात्र को डिग्री तब मिले जब उसने माता पिता द्वारा लगाए गए पौधों को वृक्ष का रूप दे दिया हो। स्वामी विजयानंद ने कहा कि यह टॉक शो पर्यावरण संरक्षण में एक मील का पत्थर साबित होगा। साधु संत अपने करोड़ों अनुयायियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक करेंगे तो निश्चित तौर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन का जो संकट पैदा हुआ है। उसका प्रमुख कारण पर्यावरण की अनदेखी है। सभी का मौलिक कत्र्तव्य है कि वे प्रकृति की देखभाल करें और जितना प्रकृति से हम ले रहे हैं उसे उससे भी अधिक लौटाएं। मिशन ग्रीन फाऊंडेशन के संस्थापक स्वामी सहाजनंद ने कहा कि प्राचीन समय से संत ऋषि-मुनि पर्यावरण संरक्षण में अपना अतुलनीय योगदान देते आए हैं। लेकिन वर्तमान में पर्यावरण की दुर्दशा को देखते हुए संत समाज की जिम्मेवारी अधिक बढ़ गई है। टॉक शो 146 देशों में दिखाया जाएगा। जिसमें सभी देशों के लोग अपने गुरुओं से जुडकर मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। सभी को पर्यावरण संरक्षण में अपना पूरा-पूरा योगदान देना चाहिए ताकि पर्यावरणीय संकट से जूझ रही पृथ्वी को बचाया जा सके। 


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