आम रास्ते को बंद करने पर दो पक्षों में हुआ विवाद

 

हरिद्वार। खालाटीरा गांव में आम रास्ते को बंद करने पर दो पक्षों में चल रहा विवाद थम नहीं रहा है। मामला हरिद्वार तहसील के सिडकुल थाना क्षेत्र के खालाटीरा गांव का है। जहां जगदीश लाल पुत्र रामप्रसाद ने लखन सिंह पुत्र धूम सिंह पर आरोप लगाया कि लाखन द्वारा गांव के एक सरकारी रास्ते को बंद कर दिया गया है। जगदीश लाल ने बताया कि पूर्व में भी यह रास्ता लाखन द्वारा तीन बार बंद किया गया था। जिसकी शिकायत उनके द्वारा हरिद्वार तहसीलदार के समक्ष की गई थी और हरिद्वार तहसीलदार और एसडीएम केे आदेशों के बाद क्षेत्रीय पटवारी ने पुलिस बल की सहायता से रास्ता खुलवा दिया था और लाखन को चेतावनी भी दी था कि आगे से रास्ते को अवरूद्ध नहीं किया जाए। जगदीश लाल के भतीजे योगेश राज ने बताया कि पिछले साल भी लाखन द्वारा रास्ता बंद कर दिया गया था और प्रशासन की मदद से इस रास्ते को खुलवाया गया था। पिछले साल जब प्रशासन द्वारा रास्ते को खुलवाया जा रहा था उस दौरान भी लाखन के परिवार की महिलाओं ने जगदीश लाल के परिवार और प्रशासन के साथ अभद्रता की थी। इस बार भी स्थानीय पटवारी के कई बार लाखन को रास्ता खोलने की चेतावनी देने के बावजूद भी लाखन रास्ता नहीं खोलने दे रहा है और कह रहा है कि मैं रास्ता नहीं खोलूंगा जिससे जो होता हो कर ले। योगेश राज ने बताया कि यह रास्ता किसी का निजी हो ही नहीं सकता। क्योंकि ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्ताव में पास किया था और ब्लॉक द्वारा इस पर सीसी सड़क का निर्माण किया गया। योगेश राज ने बताया कि पूर्व में भी इस रास्ते को सिडकुल थाना पुलिस की टीम और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मिलकर खुलवाया था। लेकिन जिस रास्ते को खुलवाने के लिए तहसीलदार ने 1 साल पहले आदेश किए थे। उसके लिए इस बार तहसीलदार यह कहकर पल्ला झाड़़ रहे हैं कि मामला चकबंदी का है। चकबंदी पटवारी की रिपोर्ट के बाद फैसला लिया जाएगा और एसडीएम ने पिछले माह की 17 तारीख को रास्ता खुलवाने के आदेश कर दिए थे। आदेश के बाद भी इस रास्ते को खुलवाने के लिए ना तो राजस्व विभाग कोई खास दिलचस्पी दिखा रहा है ना ही सिडकुल थाना पुलिस। योगेश राज ने कहा कि सार्वजनिक रास्ते को बंद करना पूरी तरह गलत है। प्रशासन व पुलिस को तत्काल कार्यवाही करते हुए रास्ते को खुलवाना चाहिए तथा दोषी के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। वरना कोई अप्रिय घटना घट सकती है। वही जब दूसरे पक्ष लाखन से पूछताछ की गई तो उसने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। 


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