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जिला हरिद्वार के अंडर 19 के 45 संभावित खिलाड़ियों का चयन

 

हरिद्वार। उत्तराखण्ड क्रिकेट एसोसिएशन के निर्देशानुसार क्रिकेट एसोसिएशन आॅफ हरिद्वार द्वारा जिला हरिद्वार के विभिन्न ब्लाॅक के अंडर 19 खिलाड़ियों के चयन के लिए प्रकाश स्पोर्टस एकेडमी में ट्रायल का आयोजन किया गया। जिसमें 141 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। चयनकर्ता की भूमिका पूर्व रणजी खिलाड़ी एवं बीसीसीआई लेवल वन कोच गिरीश सिंह पटवाल व पूर्व पब्लिक सेक्टर खिलाड़ी सी.मोहन ने निभायी। चयनकर्ताओं ने खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को परखकर जिला हरिद्वार के 45 संभावित खिलाड़ियों का चयन किया। क्रिकेट एसोसिएशन आॅफ हरिद्वार के अध्यक्ष नीरज कुमार व सचिव इंद्रमोहन बड़थ्वाल ने बताया कि चयनित संभावित खिलाड़ी आगामी गढ़वाल मण्डल चयन के लिए चार व पांच अगस्त को अभिमन्यू क्रिकेट एकेडमी देहरादून में सवेर साढ़े आठ बजे रिपोर्ट करेंगे। चयनित खिलाड़ियों में बल्लेबाज- अनुज गिरी, विन्नी सैनी, अनंत सिंह, हर्ष दीप सिंह, वैभव राणा कुटी, यमन क्षत्री, संदीप चैहान, निखिल प्रजापति, अभिनव साहू, अजय कुमार, आयुष खरोला, मान राणा, उदित कुमार, दिव्यांश चैहान, वरदान सैनी, विमल कुमार, शैलेंद्र पाल, नितिन सैनी, वेदांत ढोंढियाल, नितिन सैनी, शिवांश, देवांशु जोशी, विकेट कीपर-अश्विनी कुमार, नीलांश शर्मा, आशुवानी कुमार, मध्यम तेज गेंदबाज-अर्पित कुमार सैनी, देवांश शर्मा, मौहम्मद सोहेल, कार्तिक दीक्षित, सूर्याश सिंह, तुषार कुमार, अंशुल कुमार, राजीव गोस्वामी, अक्षित कुमार सैनी, हंसप्रीत सिंह, युवराज सिंह, शहंशाह आलम, मौहम्मद बिलाल, प्रांजल त्यागी, स्पिनर- अनिकेत रहाल, पार्थ बमराड़ा, प्रबल सचदेवा, वंश कश्यप, सुजात मलिक, मोइनुद्दीन आदि शामिल हैं। 


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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