Skip to main content

जबरन निकाह के मामले में पीड़ित की शिकायत पर आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज

 हरिद्वार। थाना सिडकुल पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर नशीला पदार्थ सुंधाकर जबरन निकाह करने के मामले में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि एक युवक ने युवती को नशीला पदार्थ सुंघाकर जबरन निकाह कर लिया। आरोप यह भी है कि निकाह की फोटो और वीडियो बनाकर युवती की मर्जी के विरुद्ध जबरदस्ती पत्नी बनाकर घर में रखा और युवती का शारीरिक शोषण किया। थाना सिडकुल पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर महिला की शिकायत पर आरोपी युवक समेत आठ लोगों पर केस दर्ज किया है। सिडकुल पुलिस के अनुसार प्रकरण वर्ष 2015 मे जब शिकायतकर्ता युवती रावली महदूद में किराए का कमरा लेने गई थी। वहां अनीश पुत्र इशरार निवासी रावली महदूद भी किराए के कमरे में रहता था। पुलिस के अनुसार आरोप है कि उस दौरान आरोपी अनीश ने अपना नाम मनीष कुमार बताया था। युवती का आरोप है कि वर्ष 2015 में ही मनीष से प्रेम प्रसंग के चलते उसके शारारिक संबंध बन गए थे। इस दौरान नशीला पदार्थ खिलाकर उससे निकाह कर फोटो और वीडियो बना लिया गया। उसे मार्च 2016 में मनीष का नाम मौहम्मद अनीस पता चला था। आरोप है कि जानकारी के बाद जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी। बताया कि लोक-लाज के डर से युवती के परिजनों ने आरोपी को ढाई लाख रुपये भी दिए। उसके बाद भी लगातार पैसों की मांग की जाती रही। युवती का आरोप है कि इस संबंध में सिडकुल थाना, एसएसपी और डीएम कार्यालय में शिकायत दी गई। लेकिन किसी ने भी मामले पर ध्यान नहीं दिया। थाना प्रभारी लखपत सिंह बुटोला के अनुसार अनीस पुत्र इसरार, शमीम पुत्र इसरार, रिजवान पुत्र इसरार, अकील पुत्र इसरार, हिना पत्नी शकील, इसरार पुत्र लल्लूशाह हाल रावली महदूद और महमूदापुर किरतपुर थाना सिढोली जिला शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश एवं मेहराज पुत्र सोहरान अली, अमन पुत्र नामालूम हाल निवासीगण रावली महदूद के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वही दूसरी ओर कोतवाली रानीपुर पुलिस ने चार महिलाओं को देसी शराब के 201 पव्वों के साथ गिरफ्तार किया है। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा के अनुसार बाला पत्नी भूप सिंह को देसी शराब के 43 पव्वे, मोहिनी पत्नी अरुण कुमार के कब्जे से पुलिस ने देसी शराब के 96 पव्वे, शीतल पत्नी हरिलाल निवासीगण टिबड़ी रानीपुर से 42 और संतोष पत्नी मांगेराम निवासी विष्णुलोक कॉलोनी रानीपुर के पास से 40 पव्वे बरामद हुए हैं।


Comments

Popular posts from this blog

गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

हरिद्वार। समाजसेवी और हिमाचल प्रदेश प्रदेश के पालमपुर रोटरी क्लब के अध्यक्ष राकेश विज ने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधार्थ संत बाहुल्य क्षेत्र सप्त ऋषि आश्रम में अन्न क्षेत्र का शुभारंभ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के कर कमलों के द्वारा किया गया है। यह अन्न क्षेत्र पूरे कुंभ तक अनवरत रूप से चलेगा। उन्होंने बताया कि मानवता सबसे बड़ी पूजा है मानव धर्म ही हमें जोड़ता है। अन्नदान की परंपरा हमारी वैदिक परंपरा है। अन्न क्षेत्र का आयोजन उन्होंने अपनी माता त्रिशला रानी और पिता लाला बनारसी दास की स्मृति में कराया है। उन्होंने बताया कि गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा में भी 7 मार्च से रोजाना लंगर का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च से इच्छाधारी नाग मंदिर बीएचएल हरिद्वार में भी अन्न क्षेत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कनखल स्थित सती घाट के समीप निर्माणाधीन गुरु अमरदास गुरुद्वारे और एसएमएसडी इंटर कॉलेज में पंडित अमर नाथ की स्मृति में बनने वाले पुस्तकालय में भी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के रास्ते पर चलकर ही हम देश को समृद्ध कर सकते है। इस अवसर पर सतपाल

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक