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छात्र का स्थानान्तरण प्रमाण पत्र के साथ ही फीस जमा करने के आदेश पारित

 हरिद्वार। जिला उपभोक्ता आयोग ने स्कूल प्रधानाचार्य को छात्र स्थानांतरण प्रमाण पत्र जारी करने के साथ ही शिकायतकर्ता को आवेदन पत्र के साथ शेष फीस जमा करने के भी आदेश दिया है। शिकायतकर्ता रंजन त्यागी पुत्र देवेंद्र त्यागी निवासी ग्राम नगला इमरती रुड़की ने प्रधानाचार्य आर्मी पब्लिक स्कूल नम्बर दो बीईजी एंड सेंट्रल कैंट रुड़की के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी।बताया था कि वर्ष 2017 में उसने अपने पुत्र अक्षत त्यागी का एडमिशन प्रथम कक्षा में कराया था। उस समय एडमिशन व सिक्योरिटी फीस जमा कराई थी। इसके बाद भी शिकायतकर्ता नियमित रूप से स्कूल फीस बैंक के माध्यम से जमा कराता रहा है। वर्ष 2018-19 में उसके पुत्र ने कक्षा दो उत्तीर्ण कर ली थी।जिसपर शिकायतकर्ता अपने पुत्र को कक्षा तीन में दूसरे स्कूल में पढ़ाने के लिए प्रवेश दिलाना चाहता था। इसके लिए शिकायतकर्ता ने अपने पुत्र की टीसी व सिक्योरिटी फीस लौटाने की मांग की। जिसपर स्कूल ने छात्र का रिजल्ट कार्ड दे दिया था लेकिन टीसी व सिक्योरिटी फीस नहीं दी थी। रोजाना बहानेबाजी व कई बार सम्पर्क करने पर भी टीसी नही दी। यही नहीं, शिकायतकर्ता ने प्रधानाचार्य पर छात्र का दूसरे स्कूल में प्रवेश कराने की वजह से उससे रंजिश रखने का आरोप लगाया है। नोटिस भिजवाने के बाद भी प्रधानाचार्य ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। शिकायत पर सुनवाई करने के बाद उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष कंवर सैन तथा सदस्यों अंजना चड्ढा व विपिन कुमार ने विपक्षी को उपभोक्ता सेवा में कमी करना पाया है।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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