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शिव के प्रति श्रद्वालु की अटूट श्रद्वा जीवन बदल देती है-निरंजन पीठाधीश्वर कैलाशानंद गिरी


 हरिद्वार। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा है कि संपूर्ण सृष्टि भगवान शिव में निहित है। सावन में भगवान शिव का पूजन व आराधना सर्वश्रेष्ठ मानी गयी है। शिव के बिना जीवन की कल्पना भी अधूरी है। मंगलवार को अनुष्ठान व रूद्राभिषेक में विद्वत परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री रूपक शर्मा भी सम्मिलित हुए और स्वामी कैलाशानंद गिरी के सानिध्य में पूजा अर्चना की। श्री दक्षिण काली मंदिर में श्रावण मास में चलने वाली भगवान शिव के निमित्त विशेष अनुष्ठान व रूद्राभिषेक के दौरान स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने विश्व कल्याण की कामना करते हुए कहा कि भगवान आशुतोष की शरण में भक्त जो भी अभिलाषा लेकर जाते हैं। भगवान शिव उन्हें अवश्य पूर्ण करते हैं। भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा व्यक्ति का जीवन बदल देती है। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि श्रावण मास में की गई भगवान शिव की आराधना भक्तों को अमोघ फल प्रदान करती है। जो श्रद्धालु भक्त भगवान शिव की विधि विधान से पूजा अर्चना कर जलाभिषेक करते हैं। उनकी सभी मनोकामनाएं देवों के देव महादेव पूर्ण करते हैं। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा पर श्रावण के पवित्र मास में जो श्रद्धालु भक्त श्रद्धा पूर्वक भगवान की शरण में आ जाते हैं। उनके जन्म जन्मांतर के पापों का शमन हो जाता है और उनका जीवन सदैव उन्नति की ओर अग्रसर रहता है। भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास में शिव आराधना से व्यक्ति को सुख संपत्ति की प्राप्ति होती है। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव की कृपा से व्यक्ति अपने इच्छित कार्यों को सफल बना सकता है। इसलिए सभी को निष्ठा के साथ भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए, क्योंकि जिस पर महादेव की कृपा हो जाए। उसका जीवन सदैव उन्नति की ओर अग्रसर रहता है। इस दौरान आचार्य पवनदत्त मिश्र, लाल बाबा, पंडित प्रमोद पाण्डे, अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, कृष्णानंद ब्रह्मचारी, बालमुकुंदानंद ब्रह्मचारी आदि उपस्थित रहे। 


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