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हाॅकी खिलाड़ी वंदना कटारिया को गौतम बुद्व की प्रतिमा देकर किया गया सम्मानित

 हरिद्वार। टोक्यो ओलंपिक में अपने शानदार प्रदर्शन से देश व उत्तराखण्ड का नाम रोशन करने वाली भारतीय हाकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया का डा.भीमराव अंबेडकर भवन भेल सेक्टर वन में शाॅल ओढ़ाकर एवं बुके देकर तथा गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वंदना कटारिया ने कहा कि भले ही समय लग जाए लेकिन मेहनत का फल हमेशा मिलता है। इसलिए मेहनत से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़े सफलता अवश्य मिलेगी। डा.भीमराव अंबेडकर भवन के अध्यक्ष अशोक कटारिया एवं महामंत्री मनजीत सिंह ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में दमदार प्रदर्शन करते हुए हैट ट्रिक लगाकर इतिहास रचने वाली वंदना कटारिया ने पूरी दुनिया में भारत व उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया है। उनके शानदार प्रदर्शन से प्रत्येक भारतवासी गौरव का अनुभव कर रहा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डा.भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि शिक्षा ही सभी समस्याओं का समाधान है। सीपी सिंह ने कहा कि सभी को वंदना कटारिया के प्रदर्शन से प्रेरणा लेनी चाहिए। बच्चों को उनसे मार्गदर्शन लेकर निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। वंदना कटारिया ने डा. भीमराव अंबेडकर के सपने को साकार कर समाज का नाम रोशन किया है। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि वंदना कटारिया को आवास एवं एक करोड़ रुपए की नगद धनराशि प्रदान की जाए। इस अवसर पर मुख्य रूप से ब्रह्मपाल सिंह, सोमपाल सिंह, सतीश दुबे, एडवोकेट गुलाब राय, जयपाल सिंह, मोदीमल, सुधीर वर्मा, बृजेश कुमार, प्रकृति चंद्रा, शिवकुमार, अजय कुमार, दीपक रावत, सुशील कुमार, सोनू कुमार, अरुण कुमार, राजदीप, रामधन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक