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भगवान श्रीकृष्ण से की लोककल्याण व कोरोना मुक्ति की कामना

 

हरिद्वार। कुशावर्त घाट के समीप प्राचीन हनुमान मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष रुप से पूजा अर्चना की गई। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर को भव्य रुप से सजाया गया। कन्हैया के जन्म के पश्चात श्रद्धालु भक्तों ने महंत रविपुरी के संयोजन में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर लोककल्याण व कोरोना मुक्ति की कामना की। इस दौरान प्राचीन हनुमान मंदिर के महंत रविपुरी महाराज ने बताया कि भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान कृष्ण ने द्वापर युग में बुधवार के दिन रोहिणी नक्षत्र में भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्म लिया था। भगवान कृष्ण तीनों लोको के तीनों गुण सतगुण, रजो गुण और तमो गुण से परिपूर्ण थे। महंत रविपुरी ने कहा कि कोरोना दिशा निर्देशों के चलते इस वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर में ना तो झांकियां सजायी गयी ना ही कोई बड़ा आयोजन नहीं किया गया। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए मंदिर में विशेष रूप पूजा अर्चना की गई। रात में भगवान कन्हैया का जन्म होने पर मिष्ठान वितरण किया गया। इसके बाद मंगलवार की सुबह विशेष पूजन कर विश्व कल्याण और सुख समृद्धि तथा कोरोना मुक्ति की कामना भगवान से की गई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण पूरे जग के पालनहार है। पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर सूक्ष्म रूप से ही कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार भी प्राचीन हनुमान मंदिर में कोविड गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखा गया।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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