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अमृत महोत्सव के तहत हर की पैड़ी पर सामूहिक राष्ट्रगान आयोजित

 हरिद्वार। अमृत महोत्सव के तहत केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर भाजपा ने शनिवार को हरकी पैड़ी में सामूहिक राष्ट्रगान कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद नरेश बंसल रहे। उन्होंने कहा कि देश भर में कोरोना से निपटने को निशुल्क टीकाकरण अभियान में अब तक 55 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। कहा कि 5000 तिरंगे भाजपा कार्यकर्ता बाजार और आवासों में लगाएंगे। कार्यक्रम संयोजक आशुतोष शर्मा ने बताया कि एक तरह से हरकी पैड़ी पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल द्वारा अमृत महोत्सव पर्व का शुभारंभ किया गया है। भाजपा आजादी की 75वीं वर्षगांठ को अमृत महोत्सव के रूप में मना रही है। इस दौरान नरेश बंसल ने कहा कि हमारे देश के युवा, बुजुर्ग व महिलाओं ने जान की बाजी लगाकर आजादी हासिल की। जिसके फलस्वरूप आज भारत विश्व शक्ति के रूप में ऊभर कर सामने आ रहा है। यह भारत की उस संघर्षपूर्ण इतिहास की पहचान है। हम किसी भी विषम परिस्थिति में न हारेंगे न थकेंगे। आज देश का युवा, डाक्टर, वैज्ञानिक समेत हर वर्ग कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए मोदी के साथ खड़ा है। हरिद्वार की हरकी पैड़ी से सामूहिक राष्ट्र गान कर तिरंगा ध्वज वितरण का काम शुरू किया गया है। जिससे हर इंसान राष्ट्रभक्ति का संकल्प ले। सांसद ने क्षेत्र के सभी दुकानदारों को तिरंगा देते हुए कहा कि वे इस ध्वज को सम्मानजनक रूप में प्रतिष्ठान व आवास पर लगाएं। सांसद ने क्षेत्र के सभी दुकानदारों को तिरंगा देते हुए कहा कि वे इस ध्वज को सम्मानजनक रूप में प्रतिष्ठान व आवास पर लगाएं। कार्यक्रम संयोजक आशुतोष शर्मा ने बताया कि एक तरह से हरकी पैड़ी पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल द्वारा अमृत महोत्सव पर्व का शुभारंभ किया गया है। भाजपा आजादी की 75वीं वर्षगांठ को अमृत महोत्सव के रूप में मना रही है। इस अवसर पर श्री गंगा सभा अध्यक्ष प्रदीप झा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, राजीव भट्ट, राहुल शर्मा, राहुल कांडपाल, प्रदीप कालरा, प्रमोद शर्मा, रोहित साहू, राजीव पाराशर, संगीत मदान, संजीव शर्मा, रविदत्त पप्पी, विवेक मिश्रा, भारत भूषण, वीरेंद्र तिवारी, तरुण नैय्यर, कमल बृजवासी, राजू बख्शी, संदीप शर्मा, सन्नी शर्मा आदि शामिल रहे।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

हरिद्वार। समाजसेवी और हिमाचल प्रदेश प्रदेश के पालमपुर रोटरी क्लब के अध्यक्ष राकेश विज ने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधार्थ संत बाहुल्य क्षेत्र सप्त ऋषि आश्रम में अन्न क्षेत्र का शुभारंभ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के कर कमलों के द्वारा किया गया है। यह अन्न क्षेत्र पूरे कुंभ तक अनवरत रूप से चलेगा। उन्होंने बताया कि मानवता सबसे बड़ी पूजा है मानव धर्म ही हमें जोड़ता है। अन्नदान की परंपरा हमारी वैदिक परंपरा है। अन्न क्षेत्र का आयोजन उन्होंने अपनी माता त्रिशला रानी और पिता लाला बनारसी दास की स्मृति में कराया है। उन्होंने बताया कि गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा में भी 7 मार्च से रोजाना लंगर का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च से इच्छाधारी नाग मंदिर बीएचएल हरिद्वार में भी अन्न क्षेत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कनखल स्थित सती घाट के समीप निर्माणाधीन गुरु अमरदास गुरुद्वारे और एसएमएसडी इंटर कॉलेज में पंडित अमर नाथ की स्मृति में बनने वाले पुस्तकालय में भी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के रास्ते पर चलकर ही हम देश को समृद्ध कर सकते है। इस अवसर पर सतपाल

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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