Skip to main content

हरिद्वार जनपद की महिला स्वयं सहायता समूह से मुख्यमंत्री का सीधा संवाद

 महिला स्वयं सहायता समूह उत्तराखंड की आर्थिक रीढ़- पुष्कर सिंह धामी’


हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन0आर0एल0एम0) के अन्तर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों ने कलक्ट्रेट वी0सी0 रूम से वर्चुअल माध्यम से संवाद स्थापित किया। इस कार्यक्रम में ग्राम विकास मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद और विधायक खजान दास, अपर मुख्य सचिव मनीषा पवार मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन और ग्राम विकास सचिव मुरुगेशन उपस्थित समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक रीढ़ है उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह अच्छे उत्पाद बना रहे हैं इस अवसर पर ग्राम विकास मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद  महाराज ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह को बाजार उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उनके उत्पाद अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक जा सके और उन्हें आर्थिक लाभ अधिक से अधिक मिल सके। संवाद कार्यक्रम उत्तराखण्ड के 13 जनपदों के 95 ब्लाॅकों में वर्चुअल माध्यम से आयोजित गया था, जिसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन(एन0आर0एल0एम0) के अन्तर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के सभी जनपदों के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद स्थापित किया। हरिद्वार के सभी छह विकास खण्डों में वर्चुअल के माध्यम से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। हरिद्वार से सार्थक स्वयं सहायता समूह की पूनम शर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि हमारा समूह कई तरह के प्रसाद बनाता है। मां मंशा देवी के लिये अलग तरह का, मां चण्डीदेवी के लिये अलग तरह का तथा मां गंगा-हरकीपौड़ी के लिये हरिद्वारम् नाम से प्रसाद आकर्षक पैकेटों में उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि हमारे समूह से छह ग्राम संगठनों के 60 महिलायें जुड़ी हैं। इलाइची दाना, बिन्दी आदि बनाने के लिये मशीनें लगी हुई हैं, जिससे अब प्रसाद बनाने में काफी सुविधा हो रही है। संवाद कार्यक्रम में विमला जोशी, राधाकृष्णन स्वामी स्वयं सहायता समूह,रेनू चैहान, महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह, रूख्शार, हुसैन स्वयं सहायता समूह, लकी स्वयं सहायता समूह, नीरज, पूनम तोमर, संस्कार,नमन ग्राम संगठन से, राखी, पूजा, निकिता अलग-अलग स्वयं सहायता समूहों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डे एवं मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गहरवार ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये उत्पादों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओ की समस्याओ के समाधान का भरोसा दिलाया और वर्चुअली मुख्यमंत्री से बात करके महिलाये भी उत्साही नजर आयी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गहरवार, नगर मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, जिला विकास अधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह चैहान सहायक परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल आदि सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

Comments

Popular posts from this blog

गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

हरिद्वार। समाजसेवी और हिमाचल प्रदेश प्रदेश के पालमपुर रोटरी क्लब के अध्यक्ष राकेश विज ने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधार्थ संत बाहुल्य क्षेत्र सप्त ऋषि आश्रम में अन्न क्षेत्र का शुभारंभ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के कर कमलों के द्वारा किया गया है। यह अन्न क्षेत्र पूरे कुंभ तक अनवरत रूप से चलेगा। उन्होंने बताया कि मानवता सबसे बड़ी पूजा है मानव धर्म ही हमें जोड़ता है। अन्नदान की परंपरा हमारी वैदिक परंपरा है। अन्न क्षेत्र का आयोजन उन्होंने अपनी माता त्रिशला रानी और पिता लाला बनारसी दास की स्मृति में कराया है। उन्होंने बताया कि गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा में भी 7 मार्च से रोजाना लंगर का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च से इच्छाधारी नाग मंदिर बीएचएल हरिद्वार में भी अन्न क्षेत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कनखल स्थित सती घाट के समीप निर्माणाधीन गुरु अमरदास गुरुद्वारे और एसएमएसडी इंटर कॉलेज में पंडित अमर नाथ की स्मृति में बनने वाले पुस्तकालय में भी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के रास्ते पर चलकर ही हम देश को समृद्ध कर सकते है। इस अवसर पर सतपाल

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक