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गंगा को स्वच्छ रखने में जनता की सहभागिता भी बहुत जरूरी है-बिशन सिंह चुफाल


 हरिद्वार। पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने कहा कि गंगा आस्था के साथ जुड़ी होने के अलावा करोड़ों लोगों को रोजी-रोटी भी देती हैं। अगर गंगा प्रदूषित होती हैं, तो करोड़ों लोगों के रोजगार पर भी प्रभाव पड़ता है। यह बात उन्होंने सोमवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हरिद्वार चंडीघाट रिवर फ्रण्ट डेवलेपमेंट परियोजना पर रग-रग में गंगा एवं गंगा की अविरल यात्रा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि गंगा के साथ ही अन्य सहायक नदियों को भी प्रदूषण मुक्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रेरणादायी कार्यक्रम भविष्य में भी किये जाने चाहिये। चुफाल ने कहा कि पांच वर्ष पूर्व गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिये जो कार्यक्रम शुरू किये गये, वे आज धरातल पर उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे द्वारा जिस तरह गंगा को स्वच्छ रखने के लिये विभिन्न कार्य किये गये। उससे गंगा को निर्मल बनाने में काफी मदद मिली। गंगा को स्वच्छ रखने में जनता की सहभागिता भी बहुत जरूरी है। कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि अमृत महोत्सव के तहत देश में सबसे पहला कार्यक्रम हरिद्वार के चंडीघाट पर आयोजित हो रहा है। इससे लोग प्रेरणा लेंगे। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी मोक्षदायिनी हैं तथा हमें यह संकल्प लेना होगा कि हम गंगा को प्रदूषित नहीं करेंगे। गंगा को स्वच्छ बनाने के लिये संसाधनों की कोई कमी नहीं है। गंगा भी हमें तभी आशीर्वाद देंगी, जब हम इसे साफ रखेंगे। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित लोगों को गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाई। उदय राज सिंह, अपर सचिव, पेयजल एवं कार्यक्रम निदेशक, राज्य परियोजना प्रबंधन ग्रुप, नमामि गंगे उत्तराखण्ड ने कहा कि वर्ष 2014 से नमामि गंगे के तहत जितनी भी योजनायें चल रही हैं, वे लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। गंगा को स्वच्छ रखने की जो अलख यहां जगाई गयी है, उसका संदेश पूरे देश में जायेगा। रोजी अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक(वित्त), राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन नई दिल्ली ने आभार जताते हुए कहा कि गंगा में गिरने वाले सभी नाले टैप कर दिए गए हैं। उन्होंने गंगा को स्वच्छ रखने के प्रयासों में सभी लोगों से सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया। समारोह के अंत में राष्ट्रगान हुआ, गंगा को स्वच्छ रखने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश जमदग्नि, डी0एफ0ओ0 नीरज कुमार, पूरन कापड़ी, संचार विशेषज्ञ, नमामि गंगे, ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा के अधिशासी अभियन्ता रामजी लाल, अधिशासी अभियन्ता अमृत योजना मदन सेन, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान आर0के0 जैन,अजय कुमार, अधिशासी अभियन्ता जल निगम मौ0 मीसम, बीईग भागीरथ के संस्थापक शिखर पालिवाल,रामेश्वर गौड़, सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।


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