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विभिन्न मांगो को लेकर संत आत्मबोधानंद का अनशन आज से

 हरिद्वार। मातृसदन संस्थापक स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि आश्रम के संत आत्मबोधानंद अपनी मांगों को लेकर बुधवार (आज) से अनशन पर बैठेंगे। इस सम्बन्ध में आश्रम परिसर में मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान स्वामी शिवानंद ने कहा कि उनकी मांगों के संबंध में पत्र शासन प्रशासन को भेज दिए गए हैं। उन्होंने 2011 में स्वामी निगमानंद की मौत के मामले में आगे जांच के लिए उत्तराखंड उच्च न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन करने के साथ ही तत्काल सीबीआई से मामले में आगे कार्रवाई करने की मांग की है। स्वामी शिवानंद ने कहा कि 2018 में स्वामी सानंद की मौत के मामले की उत्तराखंड उच्च न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन हो। जो जांच करके इस मामले के सत्य को सबके सामने लाए। आरोप लगाया कि सरकार ने निगमानंद और सानंद की मौत की सच्चाई को दबा दिया है। जिनका खुलासा होना जरूरी है, वे तभी से मामले की जांच की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2020 में साध्वी पद्मावती के साथ हुए घटनाक्रम की जांच के लिए एक महिला जांच अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन करने की भी मांग की। स्वामी शिवानंद ने कहा कि जिला न्यायालय हरिद्वार में मातृसदन के लंबित मुकदमों की सुनवाई के लिए एक विशेष पैनल बनाया जाये। जिससे मामलों में जल्द सुनवाई की जा सके। साथ ही गंगा को लेकर सरकार द्वारा मातृ सदन को आज तक जितने भी आश्वासन दिये गए हैं उन्हें अक्षरशः जमीन पर लागू किया जाए। जल शक्ति राज्य मंत्री द्वारा राज्य सभा में 31 जुलाई, 2019 को मातृसदन को दिये गए सारे आश्वासनों को प्रशासन तत्काल लागू करे।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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