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मांगो को लेकर चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ स्वास्थ्यमंत्री को देगा ज्ञापन

 हरिद्वार। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं ने 21 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री को मांगों को लेकर ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि बीती 29 जुलाई को महानिदेशक की अध्यक्षता में निदेशक, सहायक निदेशक और प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों के बीच जो समझौता किया गया था उसे आज तक लागू नहीं किया गया। इस कारण कर्मचारियों में आक्रोश है। सोमवार को गेट मीटिंग करते हुए प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेडा व महामंत्री सुनील अधिकारी ने कहा कि महानिदेशालय व आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को पदोन्नति, टेक्निकल करते हुए अगला ग्रेड वेतन 4200 देने, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का एसीपी नहीं लगना, डीडीओ कोड बहाल न होने के कारण कर्मचारियों को वेतन समय पर न मिलना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का भुगतान न होना बड़ी समस्या है। जिसका समाधान सिर्फ डीडीओ कोड बहाली से ही निकल सकता है। जिला मंत्री राकेश भंवर व प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक धवन ने कहा कि महानिदेशालय प्रशासन ने अड़ियल रवैया अपनाया हुआ है। अगर यही कार्य ऊपरी कर्मचारियों का होता तो ये कार्य कभी का हो जाता। गेट मीटिंग में शिवनारायण सिंह, राकेश चंद्र, गुरुप्रसाद गोदियाल, नेलसन अरोड़ा, ताजबर सिंह, अरुण कुमार,प्रवीण, राजकिशोर, छत्रपाल सिंह, अनिल कुमार,त्रिभुवन पाल, नवीन, सुरेंद्र कश्यप, दिनेश गुसाईं, सुनील अधिकारी, सतवीर, ममता, कमलेश, नीलम, अजय रानी, सुदेश जयनारायण सिंह, अजय कुमार आदि शामिल रहे।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक