Skip to main content

स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को पुस्तक के रूप में लिपिबद्व किया जायेगा-विनय शंकर पाण्डेय

 जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शहीदों को दी श्रद्वांजलि

हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय ने नगर निगम, हरिद्वार द्वारा स्वतंत्रता सेनानी स्तम्भ शहीद पार्क, निकट थाना कोतवाली में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को स्मरण किया तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद श्री जगदीश वत्स एवं स्व0 मा0 करतार सिंह, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुये विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद श्री जगदीश वत्स की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में आकर मुझे शहीदों को नमन् करने तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद श्री जगदीश वत्स जैसी विभूतियां ईश्वर की कृपा से ही प्राप्त होते हैं। उनका देश तथा तिरंगे के प्रति जो लगाव था, उसे शब्दों के माध्यम से बयान नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद हरिद्वार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश को आजाद कराने में जो योगदान दिया है, उसको पुस्तक के रूप में लिपिबद्ध करने का कार्य शीघ्र किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज हम एक ऐतिहासिक स्थल पर खड़े हैं अतः स्वतंत्रता सेनानी स्तम्भ, शहीद पार्क में स्थापित शहीद श्री जगदीश वत्स की स्थापित प्रतिमा के ऊपर शेड की व्यवस्था तथा पार्क के सौन्दर्यीकरण हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करें। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री नन्दलाल धींगरा द्वारा स्वतंत्रता सेनानी स्तम्भ शहीद पार्क के चारों ओर घेर-बाढ़ करने की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि इसका हुबहू पालन किया जायेगा।  विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि आजादी की लड़ाई हमने जीती है, अभी कुछ और लड़ाईयां जीतनी हैं, चाहे बेरोजगारी की हो, भूख की हो, जिनमें से कोविड भी एक है, जिसके लिये आप सभी के आशीर्वाद की आवश्यकता है। मेयर, नगर निगम, श्रीमती अनीता शर्मा ने कहा कि हमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बताये हुये मार्ग पर चलना चाहिये। उन्होंने शहीद पार्क के सौन्दर्यीकरण के बारे में अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि हमें शहीदों को प्रतिदिन किसी न किसी रूप में अवश्य याद करना चाहिये। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री नन्दलाल धींगरा ने इस अवसर पर अपने संस्मरण सुनाते हुये आजादी की लड़ाई के संघर्ष की यादों को ताजा कर दिया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री भारत भूषण विद्यालंकार ने भी आजादी की लड़ाई के संघर्ष पर प्रकाश डाला। अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) के0के0 मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुये स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान पर प्रकाश डाला। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित किया। इस मौके पर जिलाधिकारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को श्री राजेश शर्मा,ं श्री मुकेश त्यागी, बाल किशन कोरी ने स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया तथा मंच का संचालन डाॅ0 नरेश चैधरी ने किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की धर्मपत्नी श्रीमती उर्मिला, नगर आयुक्त दयानन्द सरस्वती, श्याम सचदेवा, सुभाष घई, मुरली मनोहर, सुधीर कौशिक सहित अधिकारीगण, पदाधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

Comments

Popular posts from this blog

गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

हरिद्वार। समाजसेवी और हिमाचल प्रदेश प्रदेश के पालमपुर रोटरी क्लब के अध्यक्ष राकेश विज ने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधार्थ संत बाहुल्य क्षेत्र सप्त ऋषि आश्रम में अन्न क्षेत्र का शुभारंभ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के कर कमलों के द्वारा किया गया है। यह अन्न क्षेत्र पूरे कुंभ तक अनवरत रूप से चलेगा। उन्होंने बताया कि मानवता सबसे बड़ी पूजा है मानव धर्म ही हमें जोड़ता है। अन्नदान की परंपरा हमारी वैदिक परंपरा है। अन्न क्षेत्र का आयोजन उन्होंने अपनी माता त्रिशला रानी और पिता लाला बनारसी दास की स्मृति में कराया है। उन्होंने बताया कि गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा में भी 7 मार्च से रोजाना लंगर का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च से इच्छाधारी नाग मंदिर बीएचएल हरिद्वार में भी अन्न क्षेत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कनखल स्थित सती घाट के समीप निर्माणाधीन गुरु अमरदास गुरुद्वारे और एसएमएसडी इंटर कॉलेज में पंडित अमर नाथ की स्मृति में बनने वाले पुस्तकालय में भी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के रास्ते पर चलकर ही हम देश को समृद्ध कर सकते है। इस अवसर पर सतपाल

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक