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सौतेला बाप तीन लाख रूपये लेकर हुआ फरार,कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

 हरिद्वार। बेटी की शादी के लिए घर में रखे तीन लाख रूपये चुराकर सौतेला पिता घर से भाग निकला। जब महिला घर पहुंची तब रुपये चोरी होने का पता चला। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर सिडकुल थाना पुलिस ने सौतेले पिता समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है। इस सम्बन्ध में महिला ने पुलिस को दिये शिकायत में बताया कि उसकी शादी वर्ष 1997 में हुई थी। वर्ष 2012 में तलाक हो गया था। जिसके बाद से वह अपनी दोनों बेटियों के साथ नवोदय चैक के पास किराए के मकान में रह रही है। वह सिडकुल की एक कंपनी में काम करती है। जून 2012 में श्याम पुत्र मुंशीलाल के साथ जान-पहचान बढ़ी। आरोप है कि श्याम ने खुद को अविवाहित बताकर विवाह का प्रस्ताव रखा। अगस्त 2012 में शिव मन्दिर रोशनाबाद में विवाह कर लिया। जिसके बाद से संगीता श्याम के घर पर आकर रहने लगी। आरोप है कि बाद में श्याम ने दोनों पुत्रियों के साथ मारपीट गाली-गलौच करना शुरू कर दिया। घर में किसी भी तरह का खर्च देना बंद कर दिया। संगीता ने पुलिस रिपोर्ट में बताया कि वह अपनी बड़ी बेटी की शादी की तैयारी करने लगी। बेटी की शादी को जोडे गये तीन लाख रुपये लेकर उसका पति श्याम अचानक गायब हो गया। जब वह ससुराल पहुंची तो पता चला कि उसका पति पहले से विवाहित है। उसकी पहली पत्नी वापस आ गयी। जिस कारण श्याम अपनी पहली पत्नी के साथ रहने लगा। जब विरोध किया तो पति के परिवार वालों ने मारपीट कर दी। सिडकुल थाना प्रभारी एलएस बुटोला ने बताया कि श्याम पुत्र मुंशीलाल (पति), चन्द्रा पत्नी मुंशीलाल (सास), नीलम पत्नि रविन्द्र (ननद), जय कश्यप उर्फ विशाल पुत्र मुंशीलाल (देवर) निवासीगण तरती बाजा गढी मौहल्ला थाना पुवायाँ जिला शाहंजहांपुर उत्तर प्रदेश के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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