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श्री वैश्य बंधु समाज महिला विंग ने मनाया स्थापना दिवस


 हरिद्वार। श्री वैश्य बंधु समाज मध्य क्षेत्र हरिद्वार की महिला विंग का छठा स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। मध्य हरिद्वार स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विंग की पदाधिकारियों व सदस्यों ने महिलाओं के संरक्षण संवर्द्धन में सतत योगदान का संकल्प लिया। इस दौरान संगठन की सदस्याओं ने गीत, संगीत, नृत्य आदि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शानदार प्रस्तुतियां दी। अध्यक्ष रीतू तायल ने सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री वैश्य बंधु समाज मध्य क्षेत्र हरिद्वार द्वारा स्थापित समाजसेवा के मानदंडों का पालन करते हुए महिला विंग महिलाओं के उत्थान, संरक्षण, संवर्द्धन तथा उन्हें अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। निर्धन वर्ग की बालिकाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ पाठ्य पुस्तक तथा लेखन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। संस्थापक शशी अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के उचित सम्मान दिलाने के लिए संगठन लगातार प्रयासरत है। घरेलू हिंसा के प्रति भी लगातार जनचेतना फैलायी जा रही है। बालक बालिकाओं को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। अर्चना अग्रवाल व आरती अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। इस अवसर पर महामंत्री पिंकी अग्रवाल, ललतेश गुप्ता, रागिनी गुप्ता, मीनू बंसल, पूजा बंसल, पूजा गोयल, शालिनी अग्रवाल, रेखा जैन, तोषी अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, नमिता अग्रवाल, विनती जैन, अलका गोयल, सपना गुप्ता, सपना गर्ग, संगीता गर्ग, संगीता गुप्ता, कंचन अग्रवाल, उर्मिला अग्रवाल, प्राची गुप्ता आदि मौजूद रही। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने महिला विंग की पदाधिकारियों व सदस्याओं को स्थापना दिवस की बधाई दी।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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