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शहर में नये सिरे से वेंडिंग जोन का निर्धारण,नो वेंडिंग जोन के वेंडर होगें विस्थापित

 हरिद्वार। भूपतवाला से देवपुरा तक नो वेंडिंग जोन घोषित किया गया है। तीन क्षेत्रों में बांटकर नो वेंडिंग जोन बनाया गया है, जिसमें भीमगोड़ा से वाल्मीकि चैक तक वाल्मीकि चैक से देवपुरा चैराहे और सीसीआर के आसपास को नो वेंडिंग जोन घोषित किया गया। तीनों क्षेत्रों के वेंडरों को डूडा कार्यालय ब्रह्मपुरी मार्ग, स्टेडियम के समीप नगर निगम के टाऊन हॉल के किनारे और सीसीआर से गुजरने वाले फ्लाईओवर के नीचे किनारे की ओर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में विस्थापित करने का निर्णय लिया गया है। 7 दिन में भीतर खाली कराने के लिए कहा गया है। नगर निगम प्रशासन द्वारा कुंभ मेला कंट्रोल रूम के सभागार में फेरी समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि भगत सिंह चैक से सेक्टर 2 बैरियर और पुल जटवाडा से ज्वालापुर कोतवाली तक के चयनित वेंडिंग जोन को स्मार्ट वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा। वहीं नगर निगम फेरी समिति और दूसरे चरण में भारत माता मंदिर से आरटीओ चैक, पावन धाम से सूखी नदी, सूखी नदी से दूधाधारी तिराहे तक के चयनित तीन वेंडिंग जोन बनाये जाएंगे। जो फरवरी 2022 तक तैयार हो जाएंगे। बैठक की अध्यक्षता नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने की, संचालन कर अधीक्षक सुनीता सक्सेना ने किया। बैठक में लघु व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करते हुए लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में वेंडिंग जोन में स्थापित करने की प्रक्रिया के क्रियान्वयन की लक्ष्य पूर्ति के साथ निर्धारित किया गया है।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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