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हरिद्वार ट्रेवल एसोशिएशन ने किया पर्यटन विभाग की संगोष्ठी का बहिष्कार


 हरिद्वार। पर्यटन दिवस के अवसर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी द्वारा बुलाई गई पर्यटन गोष्ठी का विरोध हरिद्वार ट्रेवल एसोशिएशन के संरक्षक भगवत शर्मा के नेतृत्व में किया। विरोध दर्ज कराते हुए एसोशिएशन के अध्यक्ष उमेश पालीवाल ने कहा जब चारधाम यात्रा पर आने वाले पर्यटकों को परेशान किया जा रहा है तो सरकार द्वारा निर्धारित पर्यटन कार्यक्रम का हम विरोध करते है पर्यटन से जुड़ा व्यवसायी दो वर्ष से परेशान चला रहा चारधाम यात्रा आज खुलने के बाद भी स्थिति वही है सरकार को अपनी नीतियों में बदलाव लाना चाहिए सरकार को जल्द कोर्ट के माध्यम से यात्री की संख्या बढ़ानी चाहिए व ई पास की बाध्यता को समाप्त करना चाहिए यदि जल्द सरकार ने सही कदम नही उठाया तो जल्द ही काली पट्टी सर व हाथ पर बांधकर प्रत्येक ट्रेवल व्यवसायी अपने अपने प्रतिष्ठानों पर बैठना शुरू कर देगा। एसोशिएशन के महामंत्री सुमित श्रीकुंज ने कहा कि सरकार द्वारा लगातार ट्रेवल व्यवसायियों की अनदेखी कर रही है। पहले ई पास फिर स्मार्ट सिटी पर पास फिर ग्रीन कार्ड पास फिर ट्रिप कार्ड पास इन पासो में ही व्यवसायी का शोषण किया जा रहा है जिससे यह सरकार लगातार फेल साबित हो रही है। एसोशिएशन के उपाध्यक्ष अनुज सिंघल व विक्की शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार को जल्द पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों से पक्ष जानकर सुचारू रूप से यात्रा जल्द शुरू करनी चाहिए अन्यथा हमे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा। प्रदर्शन करने वालो में गोपाल छिब्बर, बबलू ठाकुर,उमेश गॉड, सुरेंद्र जैन, शम्भू ठाकुर, विनीत भाटिया ,विपिन अरोड़ा,किशन पाल,परवीन बिष्ट, अरुण कुमार ,विनोद सैनी, गौरव अरोड़ा सूरज शर्मा ,पंकज नेगी आदि ट्रेवल व्यवसायी उपस्थित रहे ।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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