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कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

 हरिद्वार। उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। रोशनाबाद में समिति से जुड़े कर्मचारियों ने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद 18 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है। अगले चरण में 27 सितंबर को कर्मचारी भगत सिंह चैक से रैली निकालेंगे। सोमवार को रोशनाबाद कलक्ट्रेट में राज्य और निगम, निकाय के कर्मचारियों की दीर्घ अवधि से लंबित समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रोष जताया गया। उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति के मुख्य संयोजक केसी शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की विभिन्न समस्याएं दीर्घ अवधि से शासन स्तर पर लंबित हैं। पूर्व में कई बिन्दुओं पर सहमति और अन्य बिन्दुओं पर परीक्षण के बाद सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। पर आज तक भी सहमति के बाद भी शासनादेश जारी नहीं किया गया। इसके बाद प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त परिसंघों ने बीते 16 अगस्त को उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति का पुनर्गठन किया। केसी शर्मा ने बताया कि अब 27 सितंबर को भगत सिंह चैक से रैली निकाली जाएगी। जबकि देहरादून में एक दिवसीय प्रदेश व्यापी धरना होगा। जिसमें सभी जनपदों से कर्मचारी शिरकत करेंगे। इसके बाद पांच पांच अक्तूबर को देहरादून में प्रदेशव्यापी हुंकार रैली का आयोजन होगा। अनुज चैहान ने बताया कि प्रदेश के सभी राज्य कार्मिकों (मिनिस्टीरियल संवर्ग एवं वैयक्तिक सहायक संवर्ग सहित) शिक्षकों, निगम, निकाय, विश्वविद्यालय-महाविद्यालय, पुलिस कार्मिकों को पूर्व की भांति 10, 16 व 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति न होने की दशा में पदोन्नति वेतनमान अनुमन्य किया जाए। राज्य कार्मिकों के लिए निर्धारित गोल्डन कार्ड की विसंगतियों का निराकरण करते हुए केंद्रीय कर्मचारियों की भांति व्यवस्था प्रदेश में लागू की जा। प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर उच्च कोटि के सभी अस्पतालों को अधिकृत किया जाए। सेवानिवृत्त कार्मिकों से निर्धारित धनराशि में 50 फीसदी कटौती कम करने समेत सभी 18 सूत्रीय मांगों का निराकरण जल्द किया जाए। प्रदर्शन करने वालों में धर्मेंद्र, रेशम सिंह, मनोज, अनिल चैधरी, ललित जोशी, पीएस पंवार, अनुज चैहान आदि शामिल रहे।


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