Skip to main content

कोविड टीकाकरण महाअभियान के दौरान वैक्सीन लगाने का बना रिकार्ड,

 कैबिनेट मंत्री ने रेडक्राॅस सचिव के प्रयासो को सराहा,विशेष पुरूस्कार की घोषणा


हरिद्वार। कोविड-19 महाटीकाकरण अभियान के दौरान इण्डियन रेडक्रास ने नगरीय क्षेत्र में एक ही दिन में पांच हजार से अधिक लोगो को वैक्सीन लगाने का रिकॉर्ड बनाया। रिकार्ड बनाने पर कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानंद ने रेडक्रॉस सचिव डा0 नरेश चैधरी की विशेष सराहना करते हुए उच्च सम्मान से पुरस्कृत करने को कहा। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय के निर्देशन, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एस0के0झा0 के मुख्य संयोजन एवं नगरीय क्षेत्र नोडल अधिकारी,रेडक्रॉस सचिव डा0 नरेश चैधरी के संचालन में जनपद में कोविड-19 वैक्सीन लाभार्थियों को वैक्सीन लगाने का विशेष अभियान जोर शोर से चल रहा है। टीकाकरण में गति लाने के लिए उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन ने महाटीकाकरण अभियान चलाया। इण्डियन रेड क्रास द्वारा नगरीय क्षेत्र हरिद्वार में ऋषिकुल जम्बो वैक्सीनेशन साइट के साथ साथ रेलवे स्टेशन,बस स्टैंड,हरकी पैड़ी,मनसा देवी,चंडी देवी, मेला अस्पताल, महिला अस्पताल, जिला चिकित्सालय,न्यु विकास कालोनी, सिडकुल के विभिन्न कम्पनी में बनायी गयी वैक्सीनेशन साइटों पर लाभार्थियों को प्रेरित कर कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम एवं द्वितीय डोज लगायी गयी। सभी वैक्सीनेशन सेन्टरस पर 300 रेड क्रास स्वयंसेवकों ने वैक्सीन का आंकडा 5000 पांच हजार से पार कर दिया। जो कि एक रिकॉर्ड है। अभियान की शुरुआत उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद ने महिला अस्पताल में अपने सम्मुख लाभार्थियों को रजिस्ट्रेशन सत्यापन एवं वैक्सीन लगवाकर किया। मंत्री यतीश्वरानंद ने कहा कि डा0 नरेश चैधरी हरिद्वार ही नहीं उत्तराखण्ड के गौरव हैं जो कोविड-19 की प्रथम लहर की शुरुआत से रात-दिन जनमानस की सेवा में लगे हुए हैं वैक्सीनेशन का कार्य भी जनपद हरिद्वार में जिस दिन से प्रारम्भ हुआ उसी दिन से डा0 नरेश चैधरी के नेतृत्व में रेड क्रॉस के स्वयंसेवक बढ चढ़कर सराहनीय सहयोग कर रहे हैं। डा0 चैधरी द्वारा किये गये सराहनीय कार्यों के लिये उत्तराखंड सरकार द्वारा उनको शीघ्र उच्च सम्मान से पुरस्कृत किया जायेगा। मंत्री यतीश्वरानंद ने सभी रेड क्रॉस वैक्सीनेशन स्वयंसेवकों की टीमों का हौसला अफजाई की।नगरीय क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट अवधेश सिंह ने डा0 नरेश चैधरी के साथ सभी वैक्सीनेशन सेन्टरस का भ्रमण कर निरीक्षण कर स्वयंसेवकों का हौंसला बढाया। वैक्सीनेशन टीम में विशेष रूप से डा0 अवधेश डंगवाल, डा0 पंकज सिंह, डा0 विपिन नौटियाल, डा0 रोहित रावत, डा0 आराधना, डा0 भावना, डा0 वैशाली, डा0 उर्मिला पाण्डेय, पूनम, शशांक प्रताप सिंह, उज्जवल, दीपचन्द भट्ट,वैभव तिवारी, शिवानी, आकाश सिंह, मेेघा, भुवन जोशी, अतिन बहुगुणा, अपर्णा, अनुभुति, अनुषि, इन्दु, जीशन, तरूण, जयंत, शिखा, विशाखा, दीपक, अनिरूद्ध, अभिषेक, अदिति, रिया, तुषार, नीलांजना सिंह, सुषमा, अदिति त्यागी, शाहरूख, अवंतिका,नेहा,मो0 शोएब, निशान्त, श्रूति, महिमा, तनिष्का,रिनीता आदि ने सक्रिय सहभागिता की।


Comments

Popular posts from this blog

गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

हरिद्वार। समाजसेवी और हिमाचल प्रदेश प्रदेश के पालमपुर रोटरी क्लब के अध्यक्ष राकेश विज ने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधार्थ संत बाहुल्य क्षेत्र सप्त ऋषि आश्रम में अन्न क्षेत्र का शुभारंभ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के कर कमलों के द्वारा किया गया है। यह अन्न क्षेत्र पूरे कुंभ तक अनवरत रूप से चलेगा। उन्होंने बताया कि मानवता सबसे बड़ी पूजा है मानव धर्म ही हमें जोड़ता है। अन्नदान की परंपरा हमारी वैदिक परंपरा है। अन्न क्षेत्र का आयोजन उन्होंने अपनी माता त्रिशला रानी और पिता लाला बनारसी दास की स्मृति में कराया है। उन्होंने बताया कि गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा में भी 7 मार्च से रोजाना लंगर का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च से इच्छाधारी नाग मंदिर बीएचएल हरिद्वार में भी अन्न क्षेत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कनखल स्थित सती घाट के समीप निर्माणाधीन गुरु अमरदास गुरुद्वारे और एसएमएसडी इंटर कॉलेज में पंडित अमर नाथ की स्मृति में बनने वाले पुस्तकालय में भी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के रास्ते पर चलकर ही हम देश को समृद्ध कर सकते है। इस अवसर पर सतपाल

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक