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भारतीय मजदूर संघ ने नगर आयुक्त से मिलकर मांगो का ज्ञापन सौंपा

 हरिद्वार। भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम कार्यरत संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान कार्य समान वेतन का भुगतान की मांग को लेकर नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती से मुलाकात की। इस संबंध में उन्हें एक ज्ञापन सौंपकर जल्द मांगें पूरी करने का अनुरोध किया गया। प्रदेश मंत्री सुमित सिंघल ने कहा कि नगर निगम में संविदा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी पिछले 15, 20 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं। लेकिन उनका नियमितीकरण अभी तक नहीं हो पाया है। जिससे कर्मचारियों को अपने परिवार के भरण-पोषण करने में अत्याधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विगत कई वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन, संविदा लाइनमैन, हेल्पर, मानचित्रकार, लिपिक, वाहन चालक, अनुचर, पर्यावरण मित्र, वेल्डर, मिस्त्री आदि कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। नगर निगम देहरादून की भांति संविदा कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन का भुगतान तत्काल किया जाना आवश्यक है। स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी कोरोना काल में पूरी तरह एकजुट होकर लोगों को बचाने में लगे रहे। लेकिन आज महंगाई के इस दौर में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों से बहुत ही कम वेतन में उनसे नियमित कर्मचारी के बराबर काम लिया जाता है। रामचंद्र ने कहा कि संविदा कर्मचारियों से नियमित कर्मचारियों से भी ज्यादा काम लिया जाता है। संविदा कर्मियों के शोषण पर तत्काल रोक लगाएं। प्रतिनिधिमंडल में भूषण शर्मा, संदीप कुमार, संजय सेठी, संजय सोम, अमीर हसन, पवन शर्मा, प्रमोद, ईश्वर चंद, हरीश ध्यानी, सत्येंद्र कुमार, मनोज कुमार, मो. सलीम, अरविंद कुमार आदि शामिल रहे।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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