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साकेतवासी महंत रामेश्वर दास को सभी तेरह अखाड़ों के संतो ने दी श्रद्धांजलि

 


हरिद्वार। श्री गुरु सेवक उछाली आश्रम में साकेत वासी महंत रामेश्वर दास महाराज का श्रद्धांजलि समारोह सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरुषों के सानिध्य में मनाया गया। श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्रीमहंत रघु मुनि महाराज ने कहा कि साकेत वासी रामेश्वर दास महाराज सर्व समाज के प्रेरणा स्रोत थे। जिन्होंने हर वर्ग को साथ लेकर समाज को एक नई दिशा प्रदान की। राष्ट्रहित में उनके द्वारा किए गए कार्य समाज को सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। श्रीमहंत महेश्वर दास महाराज एवं श्री महंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि महापुरुषों का जीवन परोपकार को समर्पित होता है। निर्मल जल के समान जीवन व्यतीत करने वाले महंत रामेश्वर दास महाराज ने सदैव समाज के हित में कार्य किया और ज्ञान की प्रेरणा देकर समाज को नई दिशा प्रदान की। सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर गौ गंगा एवं धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के लिए स्वयं को समर्पित करना चाहिए। उछाली आश्रम के परमाध्यक्ष श्रीमहंत विष्णु दास महाराज ने कहा कि पूज्य दादा गुरु साकेत वासी महंत रामेश्वर दास महाराज एक युगपुरुष थे। जिन्होंने सभी को सत्य के मार्ग पर अग्रसर रहने की प्रेरणा दी। उन्हीं के दिखाए मार्ग पर चलकर संत समाज की सेवा की जा रही है और उनके अधूरे कार्य को पूर्ण किया जा रहा है। उनके द्वारा चलाए गए सेवा प्रकल्पों में निरंतर वृद्धि करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। महंत देवानंद सरस्वती एवं महंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि महापुरुष केवल शरीर त्यागते हैं। समाज के मार्गदर्शन के लिए उनकी प्रेरणा सदैव जीवंत रहती है। साकेत वासी महंत रामेश्वर दास महाराज का स्वाभाव एवं कार्यशैली संपूर्ण समाज के लिए भली भांति परिचित है। जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए और संत समाज की सेवा करते हुए राष्ट्र को विकास की ओर अग्रसर करने में अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए। निर्मल अखाड़े के कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि निर्मल जल के समान जीवन जीने वाले साकेतवासी महंत रामेश्वर दास महाराज के समाज कल्याण में किए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर महामण्डलेश्वर स्वामी कपिल मुनि, महंत प्रह्लाद दास, महंत रघुवीर दास, महंत शिवानंद, स्वामी रवि देव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद, महंत लोकेश दास, स्वामी दिनेश दास, महंत प्रमोद दास, महंत अरुण दास, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतन ानंद, महंत कमल दास, महंत दामोदर दास, महंत दामोदर शरण दास, महंत श्याम प्रकाश, महंत रामजी महाराज, स्वामी ज्ञानानंद शास्त्री, महंत श्रवण मुनि, महंत प्रकाश मुनि, महंत जगदीश मुनि सहित बड़ी संख्या में संत महंत उपस्थित रहे।


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