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बाल श्रम रोकने व उनको मुख्य धारा में जोड़ने के लिए मिलकर कार्य करे-अपर जिलाधिकारी

 हरिद्वार। अपर जिलाधिकारी प्यारेलाल शाह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाल,किशोर श्रम उन्मूलन हेतु गठित जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में बाल किशोर श्रम के सम्बन्ध में अधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी को बताया कि इस सम्बन्ध मंे लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में बाल,किशोर श्रम की काफी कम शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, इसका कारण कोविड-19 की वजह से होटल आदि का बन्द होना भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि एनजीओ आदि के माध्यम से भी कोई मामला समिति के संज्ञान में नहीं आया है। यदि कहीं से कोई मामला संज्ञान में आता है, तो संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। अपर जिलाधिकारी के यह पूछने पर कि जो बच्चे बालश्रम करते हुए मिलते हैं, उनको रखने की क्या व्यवस्था है, इस पर अधिकारियों ने बताया कि ऐसे बच्चों को बाल गृह में रखते हैं। अधिकारियों ने पेन्सिल पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के संबंध में बताया कि वर्तमान में कोई शिकायत दर्ज नहीं है। बाल श्रम उन्मूलन व कार्यबल की भूमिका के संबंध मंे अधिकारियों ने बताया कि टास्क फोर्स पूरी तरह से एक्टिव है तथा शिकायत प्राप्त होने पर सभी सदस्यों का पूरा सहयोग मिलता है। अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) प्यारे लाल शाह ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। इसलिये बच्चों की शिक्षा तथा उनके रहने के परिवेश पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई बाल,किशोर श्रम करता हुआ पाया जाता है, तो हम सभी का कर्तव्य है कि उसको मुख्य धारा से जोड़ने के लिये कार्य किया जाये। बैठक में एलडीएम (पीएनबी) संजय संत, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्ध, एसीएमओ डाॅ0 पंकज कुमार जैन, परियोजना निदेशक, आर0सी0 तिवारी, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति विनोद कुमार शर्मा, सदस्य सुश्री रंजना शर्मा, प्रतिनिधि जिला प्रोबेशन अधिकारी राजकुमार गुप्ता, सदस्य टास्क फोर्स समिति बाल श्रम हरिद्वार दिनेश कुमार शर्मा, चाइल्ड काउंसलर सुश्री नीलम चैहान, बचपन बचाओ आन्दोलन से सुरेश उनियाल, सुश्री संगीता भारद्वाज, एसआई सुश्री ज्योति नेगी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।


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