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ग्राम पंचायतों में प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ने पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

 जनपद की ग्राम पंचायतों में लगे प्रशासकों का कार्यकाल आगामी 28 सितंबर को खत्म हो रहा है। पूर्व ग्राम प्रधान पंचायत के चुनाव की तिथि इससे पहले ही घोषित करने की मांग कर रहे हैं। कहा सरकार प्रशासकों के कार्यकाल का विस्तार करती है तो पूर्व प्रधान हाईकोर्ट जाएंगे। पहले ही हरिद्वार जनपद के छह विकास खंड एक-एक प्रशासक के भरोसे है। पूर्व प्रधानों का कहना है कि जब वे प्रधान थे तो दिन रात काम कराकर विकास कार्य पूरे नहीं करा पाते थे। अब एक प्रशासक एक ब्लाक के तहत आने वाली ग्राम पंचायतों का विकास कार्य कैसे करा सकता है। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल का कहना है कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने से ग्राम पंचायतों के विकास कार्य रुक गए हैं। आज भी लोग पेंशन सत्यापन, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड सत्यापन आदि कार्यों को लेकर सुबह ही पूर्व ग्राम प्रधानों के घर पहुंच जाते है। प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण लोगों के अधिकांश काम रुके पड़े है। भास्कर का कहना है कि सरकार या तो चुनाव की तिथि घोषित करे या पूर्व प्रधानों को अतिरिक्त अधिकार दे। क्योंकि जनता को प्रशासक ब्लॉक मुख्यालय पर नहीं मिलते और न ही प्रशासक गांवों में आते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार 28 सितंबर के बाद प्रशासकों के कार्यकाल विस्तार करती है तो प्रधान संगठन हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगा। पूर्व ग्राम प्रधान सलेमपुर कविता पाल, रावली महदूद पूर्व प्रधान नीरजा पाल ने कहा की अकेले ब्लॉक बहादराबाद की 9 न्याय पंचायतों में 72 गांव हैं। ऐसे में प्रशासक पूरा ब्लॉक कवर नहीं कर पाते हैं। जिस कारण विकास कार्य और लोगों की समस्या जस की तस पड़ी हुई है।


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