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टैक्स लगाए जाने के विरोध में लघु व्यापारियों ने किया प्रदर्शन


 हरिद्वार। टैक्स लगाए जाने के विरोध में लघु व्यापारियों ने भूपतवाला में नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। लघु व्यापारी नितिन यादव ने कहा कि नगर निगम बोर्ड द्वारा लघु व्यापारियों से टैक्स वूसली का प्रस्ताव पास किया गया है। कोरोना महामारी के कारण व्यापार एकदम चैपट है। जिसके चलते लघु व्यापारियों को परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में नगर निगम बोर्ड द्वारा रेहड़ी पटरी लघु व्यापारियों पर टैक्स थोपना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लघु व्यापारियेां के हितों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड में पारित प्रस्ताव को तुरंत वापस लिया जाए। ढाबा व्यापारी गोविंद निषाद व हरि नारायण ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा व अन्य लक्खी स्नान पर्वो पर प्रतिबंध लगने के कारण लघु व्यापारी पहले से ही मंदी का सामना कर रहे हैं। हरिद्वार का पूरा व्यापार यात्रीयों पर आधारित है। प्रतिबंधों के चलते यात्रीयों की संख्या बेहद कम है। खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में नगर निगम द्वारा टैक्स थोपना पूरी तरह गलत है। टैक्स लगाने के प्रस्ताव को तुरंत वापस लिया जाए। सन्नी मल्होत्रा और तुषार कपिल ने कहा कि लघु व्यापारियों पर टैक्स लगाने के प्रस्ताव को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में मनोज निषाद, अरविंद तोमर, विशाल निषाद, सोहनलाल, वेदप्रकाश, अमर सिंह, कैलाश सिंह, वीरेंद्र, सतीश, गोविंद तोमर, डोमन दास, सुरेश सैनी, जय सिंह, शिवा तोमर, दीपक, संदीप,करण, ओमप्रकाश आदि शामिल रहे। 


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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