Skip to main content

मांगों को लेकर भेल कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन


 हरिद्वार। पीपीपी, एसआईपी और बोनस आदि मांगों को लेकर भेल कर्मचारियों ने बीएमकेपी (इंटक) के महासचिव राजबीर सिंह चैहान के नेतृत्व में हीप मेन गेट पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राजबीर सिंह चैहान ने कहा कि प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों के प्रति उदासीनता बरत रहा है। उन्होंने कहा कि भेल कर्मचारी कमरतोड़ मेहनत कर उत्पादन लक्ष्य को पूर्ण करते हैं। लेकिन प्रबंधन कर्मचारियों के साथ अन्याय करने पर तुला हुआ है। कर्मचारियों को मिलने वाले पीपीपी एवं एसआईपी जैसे लाभ के प्रति प्रबंधन लचर रवैया अपनाते हुए जेसीएम बुलाने में आनकानी की जा रही है। पीपीपी एवं एसआईपी का पिछले वर्ष का भुगतान भी अभी तक लंबित है। काॅर्पोरेट प्रबंधन अतिशीघ्र संयुक्त समिति की बैठक बुलाकर विगत वर्ष एवं वर्तमान वर्ष का पीपीपी एवं एसआईपी का भुगतान सुनिश्चित करे। राजबीर चैहान ने कहा कि भेल श्रमिक यूनियनों के मान्यता चुनाव शीघ्र कराने के साथ कर्मचारी हित में टर्म इंश्योरेंस प्लान लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों की सहायता के लिए लागू योजना अवधि को पांच वर्ष के स्थान पर सेवानिवृत्ति तक लागू की जाए और कारणों से जान गंवाने वाले कर्मचारियों को भी योजना का लाभ दिया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रबंधन मांगों को जल्द पूरा नहीं करता है तो यूनियन आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। सीएफएफपी इंटक संगठन के संरक्षक सुक्रमपाल ने कहा कि प्रबंधन कर्मचारियों को प्रतिवर्ष मिलने वाले उपहार एवं जूते के वितरण पर भी उदासीनता भरा रवैया अपना रहा है। प्लांट स्तर पर कर्मचारियों का सर्वेक्षण कराकर जल्द से जल्द नववर्ष उपहार एवं जूते वितरण किए जाएं। राजेंद्र चैहान ने कहा कि पे एनोमिली दूर करने के लिए गठित सब कमेटी पर जल्द निर्णय लिया जाए। संचालन मुकुल राज और अमित सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष सचिन चैहान, मुकेश कुमार, अजय, वैभव, इम्तियाज, पंकज कुमार, राजीव कुमार, राकेश चैहान, कपिल पुंडीर, संदीप, अमरीश, धर्मेद्र, सुनील, आशीष, विजयपाल, रोहित, राहुल, नमेश, संजय, मुनेश, रविन्द्र, श्यामकुमार, देवेंद्र, नदीम, प्रवीण, आशुतोष, रामचंद्र यादव, श्रवण, तेजवीर, अनंगपाल, विनोद, विजेंद्र पांडे, शीतल, करन, अभिषेक, दीपक, प्रियरंजन, विमलेश, चतर, नितिन, मुकेश, रवि यादव, विवेक, इग्नेश, विनीत, अरूण, सुधीर, विक्रांत पटवाल, विपुल आदि सहित सैकड़ों भेल श्रमिक उपस्थित रहे। 


Comments

Popular posts from this blog

गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

हरिद्वार। समाजसेवी और हिमाचल प्रदेश प्रदेश के पालमपुर रोटरी क्लब के अध्यक्ष राकेश विज ने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधार्थ संत बाहुल्य क्षेत्र सप्त ऋषि आश्रम में अन्न क्षेत्र का शुभारंभ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के कर कमलों के द्वारा किया गया है। यह अन्न क्षेत्र पूरे कुंभ तक अनवरत रूप से चलेगा। उन्होंने बताया कि मानवता सबसे बड़ी पूजा है मानव धर्म ही हमें जोड़ता है। अन्नदान की परंपरा हमारी वैदिक परंपरा है। अन्न क्षेत्र का आयोजन उन्होंने अपनी माता त्रिशला रानी और पिता लाला बनारसी दास की स्मृति में कराया है। उन्होंने बताया कि गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा में भी 7 मार्च से रोजाना लंगर का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च से इच्छाधारी नाग मंदिर बीएचएल हरिद्वार में भी अन्न क्षेत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कनखल स्थित सती घाट के समीप निर्माणाधीन गुरु अमरदास गुरुद्वारे और एसएमएसडी इंटर कॉलेज में पंडित अमर नाथ की स्मृति में बनने वाले पुस्तकालय में भी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के रास्ते पर चलकर ही हम देश को समृद्ध कर सकते है। इस अवसर पर सतपाल

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक