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अवैध निर्माण को प्राधिकरण ने किया सील

 हरिद्वार। बहादराबाद के दादुपुर गोविंदपुर क्षेत्र में अवैध रूप से किए जा रहे भवन के निर्माण को हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने सील कर दिया। प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी होने के बावजूद निर्माणकर्ता ने कार्य नहीं रोका था। आरोप है कि प्राधिकरण में मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदन भी नहीं किया। निर्माण की सूचना पर प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की है। दादूपुर गोविंदपुर में अवैध रूप से निर्माण किए जाने की शिकायत मिलने पर प्राधिकरण ने पांच लोगों को नोटिस जारी किए थे। नोटिस मिलने के बाद 4 लोगों ने कार्य रोक दिया था। उसके बाद मानचित्र विनिर्माण स्वीकृति के लिए आवेदन कर दिया था लेकिन एक निर्माणकर्ता ने कार्य नहीं रोका। स्वीकृति के लिए विभाग में आवेदन भी नहीं किया। नोटिस के बाद भी लगातार कार्य किए जाने की शिकायत प्राधिकरण के अधिकारियों को मिली। इसके बाद सचिव उत्तम सिंह चैहान ने टीम को निर्माण सील करने के आदेश दिए। सोमवार को प्राधिकरण की टीम ने रावली महदूद क्षेत्र में पहुंचकर निर्माण पर सील लगा दी। सील तोड़कर या चोरी छिपे दोबारा कार्य करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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