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तहसील की कार्यप्रणाली में सुधार लाकर व्यवस्थायें चुस्त व दुरूस्त करें-विनय शंकर पाण्डेय

 तहसील दिवस में 29 शिकायतें दर्ज,दिए निस्तारण के निर्देश


हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय ने तहसील कर्मियों को निर्देश देते हुए कहा है कि 15 दिन के भीतर तहसील की कार्यप्रणाली में सुधार लायें तथा सभी व्यवस्थायें चुस्त व दुरूस्त होनी चाहिये। मंगलवार को तहसील हरिद्वार में आयोजित तहसील दिवस में कुल 29 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया तथा शेष प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों,अधिकारियों को समयबद्ध-तीन दिन, एक सप्ताह, दस दिन, प्रकरण के निस्तारण में लगने वाले समय के अनुसार, निस्तारित करने के निर्देश सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को दिये गये। तहसील दिवस में आज मंगलौर निवासी अब्दुल अजीम ने आवास योजना के अंतर्गत आवास दिलाये जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पात्रता के मानक के अनुसार कार्रवाई करते हुये रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। ग्राम रावली महदूद निवासी ध्यान सिंह ने अपनी पुत्री के जन्म प्रमाण पत्र बनाने में आ रही दिक्कत के बारे में बताया। इस पर जिलाधिकारी ने जन्म प्रमाण पत्र बनाने में दिक्कत दूर करते हुये जन्म प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिये। रसूलपुर मीठीबेरी निवासी गिरीराज सिंह, बिशनपुर से करमजीत सिंह एवं ज्वालापुर निवासी जगपाल ने जमीन की पैमाईश कराने के सम्बन्ध में आवेदन दिया, जिस पर जिलाधिकारी ने सम्बन्धित लेखपाल को प्रकरण में एक सप्ताह के अन्दर कार्रवाई करने के निर्देश दिये। रंभा विहार जमालपुर कलां निवासी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने विद्युत बिल बार-बार गलत आने की शिकायत, अजीतपुर निवासी मायाराम ने विद्युत कनेक्शन दिलाने का अनुरोध किया। इस पर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को तीन दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिये। माॅडर्न काॅलोनी रानीपुर निवासी श्रीमती ममता शर्मा द्वारा मकान पर कब्जे के सम्बन्ध में शिकायत की गयी। इस पर जिलाधिकारी ने आपसी सुलह-समझौता कराने हेतु अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया। धारीवाला के ऋषिपाल ने खनन से खेत को हो रहे नुकसान के सम्बन्ध में बताया। इस पर जिलाधिकारी ने खनन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिये। इससे पूर्व तहसील परिसर पहुंचने पर जिलाधिकारी श्री पाण्डेय ने तहसील परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सदर तहसील जनपद का आईना होता है तथा सदर तहसील को अव्वल दर्जे का होना चाहिये। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत छोटी-छोटी शिकायतें,समस्यायें तहसील स्तर पर ही आती हैं, जिनका निस्तारण त्वरित गति, समयबद्ध ढंग से तथा मेरिट आधार होना चाहिये। उन्होंने तहसीलदार को निर्देश दिये कि वे संग्रह अमीनों की साप्ताहिक बैठक लेना सुनिश्चित करें तथा उसकी रिपोर्ट मुझे भी प्रस्तुत करें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि 15 दिन के भीतर तहसील की कार्यप्रणाली में सुधार लायें तथा सभी व्यवस्थायें चुस्त व दुरूस्त होनी चाहिये। तहसील दिवस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 योगेन्द्र सिंह रावत अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी0एल0 शाह, डी0एफ0ओ0 नीरज कुमार, सहायक परियोजना निदेशक सुश्री नलनीत घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह चैहान, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी हेमन्त बुदियाल, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान मदन सेन सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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