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भगवान भोलेनाथ हैं श्रद्धा समर्पण भाव के भूखे: आचार्य शशिकांत वशिष्ठ

 हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार की प्रख्यात धार्मिक संस्था वेद निकेतन धाम में मानव सेवा विश्वकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट धामपुर द्वारा कोरोना महामारी समाप्ति, पितृदोष शांति व लोक कल्याण के संकल्प के साथ नौ दिवसीय श्री महाशिवपुराण कथा का आयोजन महाशिवपुराण कथा सम्राट पंडित राधेश्याम व्यास जी महाराज के पावन सानिध्य में कथा व्यास आचार्यश्री शशिकांत वशिष्ठ के श्रीमुख से श्रद्धालु भक्तों को श्री शिव महापुराण का रसपान कराया जा रहा है। महाशिवपुराण कथा का श्रद्धालु भक्तों को रसपान कराते हुए आचार्य शशिकांत वशिष्ठ ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही संसार की सारी बाधाएं समाप्त हो जाती हैं भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए राम नाम का गुणगान सदा करते रहना चाहिए। राम के नाम से भगवान भोलेनाथ बहुत जल्दी प्रसन्न होकर अपने भक्तों को मनोवांछित फल देते हैं। जीवन के सभी कष्टों व संतापांे को समाप्त करने के लिए भगवान भोलेनाथ की आराधना, भक्ति भाव व समर्पणता के साथ करनी चाहिए। आचार्य शशिकांत वशिष्ठ ने महाशिवपुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्राद्ध पक्ष में गंगा तट पर श्रीशिव महापुराण का रसपान करने से पितृ दोष की शांति होती है। श्राद्ध पक्ष में पितृ दोष समाप्त करने के लिए महाशिवपुराण का आयोजन करना चाहिए। इस अवसर पर शिव महापुराण कथा के मर्मज्ञ पंडित राधेश्याम कथा व्यास जी ने श्रद्धालु भक्तों से कहा कि श्राद्ध पक्ष में हमें अपने पित्र दोष शांति के लिए पितरों के निमित्त महाशिवपुराण का आयोजन कर श्रद्धा भाव से ब्राह्मणों से भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करानी चाहिए तथा दीन हीन, वंचित वर्ग में अन्न, वस्त्र का वितरण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि मानव सेवा विश्व कल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पितृ दोष निवारण के लिए नौ दिवसीय मां भागीरथी के तट पर श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन कर विश्व के कल्याण की कामना को लेकर किया गया। इसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार व उत्तराखंड के श्रद्धालु भक्तों ने कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रतिभाग किया। देश-विदेश में लाखों श्रद्धालुजन ऑनलाइन शिवमहापुराण का श्रवण कर रहे हैं। इस दौरान भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरुद्ध भाटी, पार्षद विनीत जौली, समाज सेवी प्रमोद गिरि द्वारा पंडित राधेश्याम व्यास व श्री महाशिवपुराण कथा व्यास पीठ पर विराजमान आचार्य शशिकांत वशिष्ठ का पटका व माला पहनाकर स्वागत किया गया। कथा में दिनेश नौटियाल, दिनेश शर्मा, आदर्श पांडे, सूरज शर्मा, राघव ठाकुर, सोनू पंडित, नीरज शर्मा सहित मुख्य यजमान अरुण कुमार पांडे इलाहाबाद, राघवेंद्र नारायण सिंह पटना, सूरजपाल विमलेश देवी दिल्ली, सिंबू शेखावत राजस्थान, अशोक कुमार हमीरपुर, रजनी पानीपत,राजेंद्र प्रसाद शर्मा राजस्थान, सूरज कुमार त्रिपाठी जमशेदपुर, संगीता सुरेंद्र कश्यप पानीपत, प्रमोद प्रतीक राजस्थान आदि श्रद्धालु भक्त शामिल रहे।


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