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लघु व्यापारियों ने प्रस्तावित टैक्स को वापस लेने की मांग को लेकर मेयर को सौपा ज्ञापन


 हरिद्वार। कांग्रेस नेता एडवोकेट अरविन्द शर्मा के नेतृत्व में व्यापारियों ने मेयर अनिता शर्मा को ज्ञापन देकर व्यापारियों पर शुल्क लगाए जाने के बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय को वापस लिए जाने की मांग की। इस दौरान एडवोकेट अरविन्द शर्मा व व्यापारी नेता संजीव नैय्यर ने कहा कि कोरोना के चलते व्यापारी लंबे समय से मंदी का सामना कर रहे हैं। हरिद्वार का पूरा व्यापार धार्मिक पर्यटन पर आधारित है। कोरोना प्रतिबंधों के चलते कांवड़ मेले सहित तमाम स्नान पर्व स्थगित किए जाने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। वर्तमान में भी व्यापार मंदी की स्थिति में है। ऐसे में व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना उचित नहीं है। राजीव पाराशर, सुरेश गुलाटी, कमल ब्रजवासी ने कहा कि मंदी की स्थिति में व्यापारी अतिरिक्त शुल्क को वहन करने की स्थिति में नहीं है। इसलिए व्यापारियां के हितों में शुल्क लगाए जाने के निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए। मेयर अनिता शर्मा ने व्यापारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि शुल्क लगाए जाने के निर्णय पर सभी से विचार विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में सुनील अग्रवाल, प्रदीप कालरा आदि सहित कई व्यापारी शामिल रहे। 


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माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

हरिद्वार। समाजसेवी और हिमाचल प्रदेश प्रदेश के पालमपुर रोटरी क्लब के अध्यक्ष राकेश विज ने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधार्थ संत बाहुल्य क्षेत्र सप्त ऋषि आश्रम में अन्न क्षेत्र का शुभारंभ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के कर कमलों के द्वारा किया गया है। यह अन्न क्षेत्र पूरे कुंभ तक अनवरत रूप से चलेगा। उन्होंने बताया कि मानवता सबसे बड़ी पूजा है मानव धर्म ही हमें जोड़ता है। अन्नदान की परंपरा हमारी वैदिक परंपरा है। अन्न क्षेत्र का आयोजन उन्होंने अपनी माता त्रिशला रानी और पिता लाला बनारसी दास की स्मृति में कराया है। उन्होंने बताया कि गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा में भी 7 मार्च से रोजाना लंगर का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च से इच्छाधारी नाग मंदिर बीएचएल हरिद्वार में भी अन्न क्षेत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कनखल स्थित सती घाट के समीप निर्माणाधीन गुरु अमरदास गुरुद्वारे और एसएमएसडी इंटर कॉलेज में पंडित अमर नाथ की स्मृति में बनने वाले पुस्तकालय में भी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के रास्ते पर चलकर ही हम देश को समृद्ध कर सकते है। इस अवसर पर सतपाल

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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