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रास्ते पर रेत डालने को लेकर हुई मारपीट में दो गंभीर घायल,पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज

 हरिद्वार। कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्रान्गर्त घोसियान मौहल्ले में रास्ते पर रेत डालने को लेकर हुई मारपीट में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मारपीट होने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया। जहां से उनकी हालत को देखते हुए एम्स रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने हमला करने वाले पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि मारपीट का मामला सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। ज्वालापुर पुलिस के अनुसार नईम निवासी मोहल्ला घोसियान के घर के पास उसके पड़ोसी मेहरबान ने रेत डाल रखा था। जिसके चलते घर में आने-जाने में परेशानी हो रही थी। तीन अक्तूबर को नईम के भाई अब्दुल सलाम ने जैसे ही रेत हटाने के लिए उन्हें कहा तो उन्होंने रेत नहीं हटाई। इसके बाद पांच अक्तूबर की दोपहर करीब 12 बजे अब्दुल सलाम घर से बाहर आया तो पहले से ही हमला करने की फिराक में बैठे मेहरबान, सोनू, शादाब, आरिफ और सत्तार ने लाठी डंडों, सरिये से उन पर हमला बोल दिया। विवाद के दौरान शोर शराबे की आवाज सुन दूसरा भाई अब्दुल रहीम और भतीजा अब्दुल शमी भी आ गए। हमलावरों ने इन पर लाठी, डंडों से हमला कर दिया। आरोप है कि महिला जुलैखा, गुलजारी के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट में अब्दुल सलाम के हाथ की हड्डी टूट गई। जबकि सिर और पूरे शरीर में भी कई जगह चोटे लगी हैं। अब्दुल शमी के सिर और शरीर पर गंभीर चोट आई है। दोनों की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने दोनों को ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया। कोतवाली प्रभारी के अनुसार आरोपी मेहरबान, सोनू, शादाब, आरिफ, सत्तार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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