Skip to main content

लखीमपुर खीरी घटना के विरोध में कांग्रेसियों ने फूंका केंद्र व यूपी सरकार का पुतला

 


हरिद्वार। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र पर धरना दे रहे किसानों को कार से कुचलने का आरोप लगाते हुए महानगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने देवपुरा चैक पर यूपी व केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला दहन किया। इस दौरान महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि यूपी की भाजपा सरकार में गुण्डागर्दी चरम पर है। लखीमपुर खीरी में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों पर केंद्रीय मंत्री के पुत्र ने कार चढ़ा दी। जिससे कुचलकर 4 किसानों की मौत हो गयी। उन्होंने मांग करते हुए केंद्र व यूपी सरकार को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए तथा पीड़ित किसानों को पर्याप्त मुआवजा व सरकारी नौकरी देनी चाहिए। प्रदेश सचिव प्रदीप चैधरी, पूर्व राज्य मंत्री मकबूल कुरैशी, कांग्रेस सेवादल के प्रदेश प्रवक्ता विशाल राठौर व महिला जिलाध्यक्ष विमला पांडे ने कहा कि लोकतंत्र को कुचला रहा है। अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रमिक नेता राजवीर सिंह, ज्वालापुर नगर अध्यक्ष यशवंत सैनी, मध्य हरिद्वार ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा देश को गुमराह करके तथा जनता पर अत्याचार करके अपनी सत्ता कायम रखना चाहती है। श्रमिक नेता मुरली मनोहर, प्रदेश सचिव महेश प्रताप राणा, जटाशंकर श्रीवास्तव, कनखल ब्लॉक अध्यक्ष शुभम अग्रवाल, मायापुर ब्लॉक अध्यक्ष रवि कश्यप, सीपी सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार देश का पेट भरने वाले किसानों का अस्तित्व खत्म करने पर तुली है। भाजपा की दमनकारी नीति का जवाब किसान चुनाव में देंगे। प्रदर्शन व पुतला दहन करने वालों में जिलाध्यक्ष विकास चैधरी, अनिल भास्कर, जटाशंकर श्रीवास्तव, सीपी सिंह, निशा शर्मा, संजीव चैधरी, नीलम शर्मा, बीना कपूर, रचित अग्रवाल, सुषमा सहगल, जितेंद्र सिंह, तेलूराम प्रधान, अमन गर्ग, संतोष पांडे, करण सिंह राणा, नरेश सेमवाल, विशाल राठौर, डा.वसीम सलमानी अध्यक्ष चिकित्सा प्रकोष्ठ, नवेज अंसारी, राजेन्द्र श्रीवास्तव, इंजीनियर आकाश बिरला, मनोज जाटव, संगम शर्मा, सुमित भाटिया, जेपी सिंह, सरदार रमणीक सिंह, गोविंद सिंह बिष्ट, सरदार हरजीत सिंह, बीएस तेजियान, अशोक उपाध्याय, कैलाश प्रधान, रणवीर शर्मा, हरद्वारी लाल ओमप्रकाश आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।


Comments

Popular posts from this blog

गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

हरिद्वार। समाजसेवी और हिमाचल प्रदेश प्रदेश के पालमपुर रोटरी क्लब के अध्यक्ष राकेश विज ने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधार्थ संत बाहुल्य क्षेत्र सप्त ऋषि आश्रम में अन्न क्षेत्र का शुभारंभ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के कर कमलों के द्वारा किया गया है। यह अन्न क्षेत्र पूरे कुंभ तक अनवरत रूप से चलेगा। उन्होंने बताया कि मानवता सबसे बड़ी पूजा है मानव धर्म ही हमें जोड़ता है। अन्नदान की परंपरा हमारी वैदिक परंपरा है। अन्न क्षेत्र का आयोजन उन्होंने अपनी माता त्रिशला रानी और पिता लाला बनारसी दास की स्मृति में कराया है। उन्होंने बताया कि गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा में भी 7 मार्च से रोजाना लंगर का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च से इच्छाधारी नाग मंदिर बीएचएल हरिद्वार में भी अन्न क्षेत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कनखल स्थित सती घाट के समीप निर्माणाधीन गुरु अमरदास गुरुद्वारे और एसएमएसडी इंटर कॉलेज में पंडित अमर नाथ की स्मृति में बनने वाले पुस्तकालय में भी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के रास्ते पर चलकर ही हम देश को समृद्ध कर सकते है। इस अवसर पर सतपाल

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक