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एटक यूनियन ने भेल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया

 हरिद्वार। बीएचईएल की हीप और सीएफएफपी की दोनों यूनिटों की एटक यूनियन ने भेल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। कहा कि प्रबंधन श्रमिकों के सब्र का इम्तिहान न ले। गुरुवार को यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने सीएफएफपी गेट पर एकत्र होकर मजदूरों की जायज मांगों के लिए भेल प्रबधंन के खिलाफ प्रदर्शन कर गेट मीटिंग की। एटक, हीप के महामंत्री संदीप चैधरी ने कहा कि भेल प्रबन्धन पिछले काफी समय से कर्मचारियों से जुडे मुद्दों के प्रति गंभीर नहीं है। एक वर्ष होने वाला है, लेकिन प्रबन्धन की ओर से अभी तक जेसीएम की कोई बैठक नहीं की गई है। यह श्रमिकों की प्रबंधन में भागीदारी की अवहेलना है। एटक, (सीएफएफपी) के महामंत्री सौरभ त्यागी ने कहा कि भेल प्रबन्धन का रवैया श्रमिकों के हित में नहीं है। एटक (सीएफएफपी) के अध्यक्ष व जेसीएम में एटक के अध्यक्ष एके दास ने कहा कि भेल प्रबंधन शीघ्र जेसीएम की बैठक का आयोजन करे। श्रमिकों के विभिन्न लंबित मुद्दों का समाधान करे। एटक के प्रदेश अध्यक्ष एमएस त्यागी ने कहा कि हमें संघर्ष दो मोर्चों पर करना होगा। एक तरफ केन्द्र सरकार के विरुद्ध और दूसरी तरफ भेल प्रबंधन के खिलाफ होगा। इस दौरान नईम खान, मनमोहन कुमार, आईडी पंत, मुनारिक यादव, सुभाष त्यागी, रविप्रताप राय, अमृत रंजन, बबलु त्यागी, दीपक कुमार, गजेन्द्र कुमार, परमाल सिंह, घनश्याम यादव, सौरभ कण्डवाल, विकास चैधरी, पवन कुमार, अशोक शर्मा, संकल्प त्यागी, रईस आलम, अजित सिंह, राजेश कुमार, रोहित सिंह, जितेन्द्र पटेल आदि शामिल रहे।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक