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पत्रकारों ने दी स्व. डाॅ0 बुधकर जी को श्रद्वांजलि

 हरिद्वार। प्रेस क्लब में आयोजित शोक सभा में उपस्थित पत्रकारों ने वरिष्ठ पत्रकार,साहित्यकार कवि एवं क्लब के संस्थापक महासचिव दिवंगत डाॅ0 कमल कांत बुधकर जी सहित प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सदस्यों के परिजनों दिवंगत के आकस्मिक निधन पर अपनी श्रद्वांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। क्लब अध्यक्ष राजेन्द्र नाथ गोस्वामी की अध्यक्षता एवं महासचिव राजकुमार के संचालन में हुई शोक सभा में पूर्व अध्यक्ष राजेश शर्मा ने डाॅ0 बुधकर जी कृतत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि युवा पत्रकारों के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेंगे। उन्होने शोक सभा में प्रस्ताव रखा कि डाॅ0 बुधकर जी के नाम पर भवन के एक हिस्सें का नाम रखा जाये। वरिष्ठ सदस्य नरेश गुप्ता जी ने उन्हे हरिद्वार में पत्रकारिता को राष्ट्रीय एवं अन्र्तराष्टीय स्तर पर पहुचाया। उन्होने डाॅ0 बुधकर बेहतरीन समन्वयकत्र्ता बताया। पूर्व महासचिव श्रवण झा एवं एनयूजे के जिलाध्यक्ष ने डाॅ0 बुधकर जी के नाम पर कोई कार्यक्रम या दिवस मनाने का प्रस्ताव दिया। शोकसभा में क्लब के वरिष्ठ सदस्य चन्द्र शेखर जोशी की माता जी,वरिष्ठ सदस्य स्वरूप पुरी की माता जी के अलावा पूर्व अध्यक्ष संजय रावल की बुआ एवं पूर्व अध्यक्ष अविक्षित रमन के जीजा जी के आकस्मिक निधन पर श्रद्वांजलि दी गई। शोक सभा में कोष सचिव तनुज वालिया,पूर्व महासचिव श्रवण झा,एनयूजे के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र चैधरी,अश्विनी अरोड़ा,परमजीत सिंह राणा,राधेश्याम विद्याकुल,राम चन्द्र कन्नौजिया एवं गोपाल कृष्ण पटुवर ने उनके बारे में चर्चा करते हुए अपनी ओर से श्रद्वांजलि दी। सभा समाप्ति से पूर्व दौ मिनट का मौन रखकर दिंवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।ं


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक