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विधायक के प्रस्ताव पर 11करोड़ के विकास कार्यो की मिली वित्तीय स्वीकृति

 हरिद्वार। रानीपुर विधायक आदेश चैहान के प्रस्ताव पर करीब 11 करोड़ के 21 कार्यों की वित्तीय स्वीकृति का शासनादेश जारी हो गया है। विकास कार्यों को गति देते हुए वित्तीय स्वीकृति करने के लिए विधायक आदेश चैहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया। रानीपुर विधायक आदेश चैहान ने कहा कि विपक्ष के पास नकारात्मक राजनीति करने के अलावा कोई कार्य नहीं रह गया है। भाजपा सरकार जनहित में क्षेत्र में विकास कार्यों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि रानीपुर विधानसभा के 10 करोड़ 11 लाख 15 हजार की लागत के 21 विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति का शासनादेश जारी हुआ है। जिसमें बहादराबाद स्वतंत्रता सैनानी द्वार से पृथ्वीराज चैहान महाविद्यालय तक सड़क निर्माण, शिवालिक नगर के कलस्टर की आंतरिक सड़कों का पुनर्निर्माण, शिवालिक नगर के ए, बी, सी व डी क्लस्टर, हरिलोक कॉलोनी की आंतरिक सड़कों का पुनर्निर्माण होगा।सीतापुर के जगदीश एनक्लेव की सड़कों का निर्माण,बहादराबाद में शिव विहार फेज दो कॉलोनी की सड़कों का पुनर्निर्माण,बहादराबाद में प्राइमरी स्कूल से जौली इलेक्ट्रिकल्स तक सड़क का निर्माण, सीतापुर में गणेश विहार दो, जगजीतपुर वार्ड नंबर 54 और सीतापुर, बहादराबाद में लक्ष्मी विहार कॉलोनी, देवनगर, ब्रहमपुरी,गायत्री विहार,विजडम स्कूल के पास शिव व शिवांक एनक्लेव,कृष्णा विहार विकास नगर, शिवम विहार,नेहरू कॉलोनी, नक्षत्र वाटिका,जगजीतपुर वार्ड नंबर 56 में आंतरिक सड़कों का निर्माण के साथ ही सिडकुल मेन रोड से ओम एनक्लेव की ओर मेन रोड का निर्माण किया जाएगा।


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक