Skip to main content

ऋषिकुल वैक्सीनेशन संेटर पर प्रतिदिन लगाई जारी है 400 लाभार्थियों को वैक्सीन की डोज

 इण्डियन रेडक्रास के स्वयं सेवक लगातार कर रहे सामाजिक सेवा


हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 कुमार खगेन्द्र सिंह के निर्देशन तथा रेड क्रास सचिव डा0 नरेश चैधरी के संयोजन में ऋषिकुल जम्बों वैक्सीनेशन सेन्टर पर कोविड-19 वैक्सीन सभी लाभार्थियों को कोविसिल्ड एवं को-वैक्सीन की प्रथम एवं द्वितीय डोज युद्धस्तर पर लगाई जा रही है, जिसमे अभी भी रोजाना लगभग 400 लाभार्थी वैक्सीन की डोज लगवाकर लाभ उठा रहे है। ऋषिकुल जम्बों वैक्सीनेशन के अन्तर्गत ही हरकी पौडी एवं रेलवे स्टेशन पर भी रेडक्रास स्वयं सेवको द्वारा कोविड-19 वैक्सीन रोजाना लगाई जा रही है, जिसका लाभ हरिद्वार के नागरिकों के साथ-साथ यात्रियों को भी मिल रहा है। सभी यात्री रेडक्रास के साथ-साथ जिला प्रशासन की भी सराहना कर रहे है। ऋषिकुल जम्बों वैक्सीनेशन सेन्टर पर सभी लाभार्थियों को कोविड-19 गाईड लाईन का पालन करने के लिये प्रेेरित करने के उपरान्त ही वैक्सीन लगवाकर, उनको जनसमाज को जागरूक करने के लिये भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। डा0 नरेश चैधरी की इस पहल की भी सम्पूर्ण जनसमाज में विशेष सराहना हो रही है। प्रधान मंत्री जी के संदेश ‘‘सफाई भी, दवाई भी एवं कडाई भी‘‘ का पालन कराने के लिये भी सभी लाभार्थियों में विशेषरूप से जागृति फैलाई जा रही है साथ ही साथ ’’यदि कोविड से रखना है दूरी तो मास्क, दो गज दूरी एवं कोविड की दोनों डोज है जरूरी’’ आदि स्लोगन से लाभार्थियों को प्रेरित किया जा रहा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा.एच0डी0शाक्य ने ऋषिकुल वैक्सीनेशन जम्बों साइट का भ्रमण कर निरीक्षण करते हुए डा. नरेश चैधरी एवं उनकी सम्पूर्ण टीम की सराहना करते हुए कहा कि हर समय डा. नरेश चैधरी स्वयं अपनी टीम के साथ जनसमाज की सेवा करने के लिये तत्पर रहते हैं। डा0 शाक्य ने यह भी अवगत कराया कि जिन लाभार्थियों ने वैक्सीन की प्रथम डोज देर से लगवायी थी उन सभी लाभार्थियों की द्वितीय डोज लगवाने की संख्या ज्यादा है। वैक्सीनेशन टीम में डा0 आराधना रावत, डा0 भावना जोशी, डा0 उर्मिला पाण्डेय, डा0 गणेश, डा0 राहुल, डा0 गुड्डुु, डा0 दीपक, डा0 अजय भूषण, सतेन्द्र सिंह नेगी आदि ने सक्रिय सहभागिता की।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक