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निर्मल अखाड़े में श्रद्धाभाव के साथ मनायी गयी गुरू नानक जयंती

 


हरिद्वार। गुरु नानक देव महाराज की जयंती पर कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में शबद कीर्तन व अरदास कर विश्व कल्याण की कामना की गई और संत समाज द्वारा गुरु नानक देव महाराज को नमन किया गया। इस अवसर पर निर्मल अखाड़े के कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि गुरु नानक देव एक महान दार्शनिक, समाज सुधारक एवं देश भक्त थे। जिन्होंने समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर मानवता का संदेश दिया। मध्यकालीन भारत के भक्ति आंदोलन में गुरु नानक देव ने मुख्य भूमिका निभाई और धार्मिक दर्शन के विकास में अपना योगदान प्रदान किया। राष्ट्र निर्माण में उनका अतुल्य योगदान सभी को याद रहेगा। महंत अमनदीप सिंह महाराज ने कहा कि गुरु नानक देव का उदारवादी जीवन हम सबको सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। गरीब असहाय एवं निर्धन लोगों की सहायता करना यही गुरु नानक देव जी की मुख्य शिक्षाएं हैं। गुरू नानक देव ने नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए धार्मिक पाखंड झूठ स्वार्थ और हिंसा की अस्वीकृति पर जोर दिया और समाज का मार्गदर्शन कर राष्ट्र की एकता अखंडता बनाए रखने में अपना जीवन समर्पित किया। उन्हीं के पद चिन्हों पर चलकर श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के संत समाज कल्याण एवं मानव सेवा में अपना योगदान प्रदान कर रहे हैं। महंत खेम सिंह व महंत गोपाल हरि महाराज ने कहा कि गुरु नानक देव महाराज की शिक्षाएं आज भी प्रसांगिक हैं। गुरु नानक देव ने अपने उपदेशों से लोगों को जीवन की सही राह दिखाई और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके जीवन दर्शन से शिक्षा लेकर सभी को राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए और मानव सेवा के लिए समर्पित रहना चाहिए। इस अवसर पर महंत रंजय सिंह, संत तलविंदर सिंह, संत हरजोत सिंह, संत जसकरण सिंह, संत सिमरन सिंह, संत सुखमण सिंह, संत विष्णु सिंह, महंत निर्भय सिंह, संत गुरूप्रीत सिंह, समाजसेवी देवेंद्र सिंह सोढ़ी आदि उपस्थित रहे।


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