Skip to main content

डीआईजी ने किया महामहिम की सुरक्षा के लिए वीवीआईपी सेल का गठन

 हरिद्वार। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दो दिवसीय हरिद्वार दौरे में कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। इसके लिए एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने वीवीआईपी सेल का गठन किया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होने वाले पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई जा रही है। धर्मनगरी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित है। राष्ट्रपति 28 नवंबर को दिल्ली-दून हाइवे पर स्थित पतंजलि में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। वहीं 29 नवंबर के देवसंस्कृति विश्व विद्यालय के कार्यक्रम में भाग लेंगे। एसएसपी डॉक्टर योगेंद्र सिंह रावत ने बताया क िराष्ट्रपति के दौरे को लेकर वीवीआईपी सेल का गठन एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय के पर्यवेक्षण में किया गया है। जिसमें सेल प्रभारी पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट को बनाया गया है। वहीं सेल में आरक्षी महेंद्र सिंह, आरक्षी नत्थी, मनोज भंडारी, सुनित लखेडा, दीपक डबराल, समेत एलआईयू से एक आरक्षी व पुलिस लाइन हरिद्वार से पीएसी के व्यवस्थापन के लिए एक आरक्षी की ड्यूटी लगाई गई है।एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि नामित अधिकारी व पुलिसकर्मियों ने एसपी सिटी कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करा ली है। वहीं थाना व कोतवाली स्तर पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा पीएसी भी कार्यक्रम स्थलों पर तैनात की जाएगी।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक