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राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की टीम निरीक्षण करने को गुकाविवि पहुची

 हरिद्वार। ग्रेड प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद ( नैक ) की पांच सदस्यीय टीम बुधवार को गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने को पहुंची। नैक की टीम तीन दिनों तक गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का निरीक्षण करेगी। जिसके आधार पर विश्वविद्यालय को ग्रेड प्रदान किया जाएगा। मदर टेरेसा महिला विश्वविद्यालय तमिलनाडु चेन्नई की कुलपति प्रो वैदेही विजयकुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यों की टीम गुरुकुल विश्वविद्यालय का निरीक्षण करेगी। नैक की पांच सदस्यीय टीम में प्रो वैदेही विजय कुमार के अलावा प्रो के ठाकुर, प्रो देवानंद पढा, प्रो. मलय कुमार दास और प्रो ईश्वर भट्ट शामिल हैं। यह पांच सदस्यीय टीम तीनों दिन तक गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट नैक को देगी। जिसके आधार पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय को ग्रेड जारी किया जाएगा। नैक की ओर से दिए गए ग्रेड के आधार पर ही यूजीसी विवि को अनुदान जारी करता है। बुधवार को नैक की टीम ने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रूप किशोर शास्त्री, कुलसचिव प्रो सुनील कुमार, वित्त नियंत्रक सहित कई अधिकारियों से बातचीत कर की। विवि के कुलसचिव प्रो सुनील कुमार ने बताया कि बुधवार को नैट की टीम ने विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों और संकायाध्यक्षों के साथ बैठक कर विभागीय और शोध कार्यों के विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक