Skip to main content

16दिसम्बर को देहरादून में होने वाली रैली को लेकर कांग्रेसजनों की बैठक

 


हरिद्वार। कनखल मेयर कार्यालय पर हरिद्वार जिला ग्रामीण तथा महानगर के आगामी विधानसभा में टिकटार्थियों की एक बैठक जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक प्रदेश सह प्रभारी दीपिका पांडे के आदेश पर आगामी देहरादून परेड ग्राउंड में हो रही कांग्रेस की 16 दिसम्बर की बैठक के लिए सभी प्रत्याशियों से जायजा लिया गया। बताया कि सभी अपनी तैयारियां अभी पूर्ण कर लें प्रतिदिन आप की तैयारियों की समीक्षा एआईसीसी द्वारा होगी। एक टीम कल हरिद्वार आ जाएगी जो रैली की तैयारियों का विधानसभा स्तर पर तैयारी कराएगी। मीटिंग में विधानसभा हरिद्वार,रानीपुर, लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण व ज्वालापुर के चुनाव लड़ने के इच्छुक टिकट के लिए आवेदन किया है तथा सीनियर कांग्रेस पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रदेश महासचिव डॉ संजय पालीवाल ने कहा कि यह रैली ऐतिहासिक होगी इस बार भाजपा उत्तराखंड से सूपड़ा साफ होगा। जनता महंगाई भ्रष्टाचार से परेशान हो चुकी है। जिला अध्यक्ष ग्रामीण धर्मपाल सिंह व महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने प्रभारी जी को विश्वास दिलाया कि जो भी लोगों ने वायदे किए हैं उसे शत प्रतिशत पूरा किया जाएगा। मेयर अनीता शर्मा ने कहा कि इस बार रैली में सर्वाधिक महिलाएं होंगी क्योंकि महिलाओं पर इस सरकार ने इतने अत्याचार किए हैं इसका जवाब भाजपा सरकार को देना होगा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक रामयश सिंह,श्रमिक नेता मुरली मनोहर,अशोक शर्मा, सतपाल ब्रह्मचारी, विमला पांडे, महेश राणा,राजवीर चैहान, बालेश्वर सिंह,सतीश कुमार, गुरजीत लहरी,रवि बहादुर,शुभम अग्रवाल,दिनेश पुंडीर,नवेज अंसारी,संजय सैनी, संजय शर्मा,अनिल भास्कर, अरविंद शर्मा, संजीव वर्मा, बरखा रानी,सतीश दूबे,विजय पाल सिंह,अमन गर्ग,रवीश भटिजा,अमरदीप रोशन,जटाशंकर श्रीवास्तव,संजीव चैधरी,तेलू राम प्रधान, वरूण बालियान,सुनील सिंह, ताहिर हसन,सुनीता सिंह, अशोक झींगान, भूप सिंह,ब्रह्मपाल सैनी,कुशल पाल सैनी,अरुण चैहान,वरुण बालियान,नसीम अंसारी, अरुण चैहान,सत्येंद्र वशिष्ठ,राजकुमार ठाकुर आदि अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक