Skip to main content

2025 तक राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाना लक्ष्य-पुष्कर सिंह धामी

 देवस्थानम् बोर्ड भंग करने पर अखाड़ा परिषद ने किया मुख्यमंत्री का अभिनन्दन 

हरिद्वार। देवस्थानम बोर्ड भंग करने पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत किया। मुख्यमंत्री का स्वागत समारोह पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के परिसर में किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा करना लक्ष्य है। जिसके लिए सरकार ने पूरा रोडमैप तैयार कर उस पर काम करना शुरू कर दिया है। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी में अखिल भारतीय आखाड़ा परिषद के एक गुट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। सरकार के देवस्थानम बोर्ड भंग करने के फैसले से खुश साधु संतों ने मुख्यमंत्री का रुद्राक्ष की माला पहनाकर स्वागत किया। सीएम ने कहा कि पूज्य संतों की भावना थी कि यह देवस्थानम बोर्ड भंग होना चाहिए। सरकार का लक्ष्य है कि 2025 में राज्य स्थापना के रजत जयंती के अवसर पर उत्तराखंड राज्य संस्कृति, पर्यटन, धर्म, अध्यात्म सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में रहे इसके लिए सरकार ने रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संतों का आशीर्वाद उनके लिए प्रेरणा व ऊर्जा का स्रोत है। संतों के आशीर्वाद से वे कर्म क्षेत्र में और तेजी से आगे बढ़ेंगे। सभी की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने देवस्थानम बोर्ड भंग करने का निर्णय लिया है। जूना अखाड़ा स्थित दुःख हरण मन्दिर, जूना घाट पर सौन्दर्यीकरण और धार्मिक मान्यताओं की स्थापना हेतु त्रिशूल लगाने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सभी मठ मंदिरों संरक्षण संवर्धन हो इसके लिए सरकार लगातार प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि जब हम उत्तराखण्ड की 25वीं वर्षगांठ मनायेंगे, उस समय उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य होगा। इसके लिये हम सभी के विचार आमंत्रित किए जा रहे हैं तथा अगले 10 सालों का रोडमैप सभी विभागों से मांगा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अभी तक 500 से अधिक फैसले लिये हैं। उनके द्वारा जिन योजनाओं की घोषणा की जा रही है। उनका शासनादेश भी तुरन्त जारी किया जा रहा है। केंद्र सरकार भी राज्य के विकास में भरपूर सहयोग कर रही है। श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी में आयोजित अभिनन्दन समारोह में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहन्त रविन्द्रपुरी,अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहन्त हरिगिरि, शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज, निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरि महाराज,आनन्द पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी बालकानन्द गिरि महाराज, जूना अखाड़ा के सभापति महंत प्रेम गिरि महाराज,आह्वान आखाड़े के श्रीमहन्त सत्य गिरि, नया अखाड़ा उदासीन के श्रीमहंन्त भगतराम, श्रीमहन्त नारायण गिरि, महामण्डलेश्वर स्वामी ललितानन्द गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री को शाॅल ओढ़ाकर व विशालकाय पुष्प माला पहनाकर तथा प्रतीक चिह्न व गंगाजलि भेंटकर भव्य अभिनन्दन व स्वागत किया। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित अभिनन्दन समारोह को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि प्रदेश को आगे बढ़ाने के साथ धर्म व संतों की रक्षा भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने देवस्थानम बोर्ड भंग कर ऐतिहासिक फैसला लिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि प्रदेश इस समय युवा मुख्यमंत्री के हाथों में है। जिसके चलते प्रदेश में लगातार नई-नई योजनाएं बन रही है। प्रदेश तरक्की की ओर अग्रसर है। देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की घोषणा कर युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बहुत ही उचित कदम उठाया है। इसके लिए संत समाज व तीर्थ पुरोहित उनके आभारी हैं। मुख्यमंत्री के साथ तीर्थ पुरोहित व संत समाज हर समय साथ खड़ा रहेगा। अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवस्थानम बोर्ड भंग करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके लिए वे साधुवाद व आशीर्वाद के पात्र हैं। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि संतों व तीर्थ पुरोहितों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवस्थानम बोर्ड भंग कर सराहनीय निर्णय लिया है।मंच का संचालन एसएमजेएन काॅलेज के प्राचार्य डा.सुनील बत्रा ने किया। समारोह में श्री महंत नारायण गिरि ,महंत कश्मीरा सिंह, श्रीमहंत देवानंद सरस्वती,महंत सुखदेव पुरी,कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानन्द, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, पूर्व सांसद बलराज पासी, भाजपा जिलाध्यक्ष डा.जयपाल सिंह, जिला महामंत्री विकास तिवारी, गंगा सभा अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, ,मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी दिगंबर राजगीरी, अनिल शर्मा,पूर्व मेयर मनोज गर्ग,वैभव शर्मा, डा.विशाल गर्ग, एसएसपी,डॉक्टर योगेंद्र सिंह रावत, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, एसडीएम सदर पूरण सिंह राणा, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह विभिन्न अखाड़ों के संत महापुरूष व गणमान्य लोग मौजूद रहे। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक