Skip to main content

उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में भारत के अग्रणी राज्यों में से एक होगा-पुष्कर सिंह धामी

 अमृत महोत्सव के तहत संवाद कार्यक्रम में संतो के साथ मुख्यमंत्री हुये शामिल


हरिद्वार। मुख्यमंत्री ने पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जब हम राज्य स्थापना का 25वां वर्ष मनायेंगे, उस समय हमारा उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में भारत के अग्रणी राज्यों में से एक होगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों की संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि उसके सार्थक परिणाम सामने आने चाहिये। उन्होंने कहा कि अगला दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि यह हम सबकी सामूहिक यात्रा है। शुक्रवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज के प्रेक्षागृह में स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित ’’हरिद्वार संवाद’’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल मुख्यमंत्री ने अमृत महोत्सव का जिक्र करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आगामी मार्च 2022 तक अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों के आयोजनों की योजना बनाई गयी है, जिसमें लगातार नये-नये विचारों की श्रंृखला सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से अमृत निकलेगा, गति मिलेगी, मति मिलेगी तथा रास्ता मिलेगा। श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमारी संस्कृति के उत्थान के लिये जो प्रयास किये हैं, वे अतुलनीय हैं। केदारपुरी का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि केदारपुरी में 400 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास हुआ है। केदारपुरी में आस्था पथ बन चुका है तथा चिकित्सालय व अतिथि गृह आदि बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां दूसरे चरण के कार्य चल रहे हैं तथा तीसरे चरण के कार्यों का प्रारम्भ आगामी अप्रैल,2022 तक हो जायेगा। बद्रीनाथधाम का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ का मास्टर प्लान बन गया है, जिसके लिये 250 करोड़ रूपये की स्वीकृत हो चुके हैं तथा वहां भी जल्दी ही कार्य प्रारम्भ होगा। मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ का उल्लेख करते हुये कहा कि काशी में काफी अन्तर आया है। पहले गंगा घाट से रास्ता नहीं मिलता था, आज वह संकरा रास्ता, हाईवे का रूप धारण कर चुका है। आज काशी दिव्य व भव्य बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मैं 1998 के बाद विगत दिनों आयोध्या गया था। आज वहां निर्माण कार्य चल रहा है। बड़ी-बड़ी कम्पनियां निर्माण कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आयोध्या दुनिया के नक्शे का प्रमुख स्थान होगा। उन्होंने कहा कि 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारा देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। इस अवसर पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरिजी ने कहा कि कुछ पल ऐतिहासिक होते हैं। उन्होंने कहा कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ, बद्रीनाथ तथा काशी का कायाकल्प हुआ है। इस मौके पर महन्त देवानन्द सरस्वती, पदम प्रकाश, स्वामी चिदानन्द मुनि, महानिर्वाणी के श्रीमहन्त रविन्द्रपुरी आदि ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। समारोह में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, स्वामी परमानन्द गिरि, माता सन्तोषी, स्वामी हरिचेतनानन्द,स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश,स्वामी विष्णुदास, महन्त शिवानन्द, स्वामी ज्योतिर्मयानन्द, साध्वी प्राची, जगदीश लाल पाहवा, अध्यक्ष स्वागत समिति, डाॅ0 विशाल गर्ग महामंत्री, आयोजन समिति, डाॅ0 विनोद आर्य, सुरेश सुयाल, मोनू त्यागी, प्रो0 सुनील जोशी कुलपति आयुर्वेद विश्वविद्यालय, मयंक चोपड़ा, प्रो0 वी0डी जोशी, पर्यावरणविद्, अशोक बेरी, डाॅ0 महेश शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष डाॅ0 जयपाल सिंह चैहान, महामंत्री विकास तिवारी, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ0 योगेन्द्र सिंह रावत, संयुक्त मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, सलाहकार, कुल सचिव, स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक