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चिकित्सा सुविधाओं में कटौती के विरोध में भेल के मुख्य अस्पताल के गेट पर धरना-प्रदर्शन

 हरिद्वार। भेल मजदूर ट्रेड यूनियन ने बुधवार को चिकित्सा सुविधाओं की कटौतियों के विरोध में बीएचईएल के मुख्य अस्पताल के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर आयोजित सभा में बीएमटीयू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीशू कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में कटौती सरकार और कारपोरेट की निजीकरण एवं विनिवेशिकरण की नीतियों का परिणाम है। बीकेयूएम के अध्यक्ष देवाशीष भट्टाचार्य ने धरने का समर्थन करते हुए कहा कि आज भेल मुख्य अस्पताल में बीपी और शुगर तक की दवाइयों की व्यवस्था नहीं की जा रही हैं। यह स्वास्थ्य व्यवस्था के बड़े खतरे की ओर संकेत कर रही है। बीएमटीयू के महामंत्री अवधेश कुमार ने कहा कि इससे पहले भी दो ज्ञापन सीएमओ भेल अस्पताल को सौंपे जा चुके है। इंकलाबी मजदूर केंद्र के हरिद्वार प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि भेल प्रबंधन अस्पताल में तत्काल जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता को सुनिश्चित करे। बैठक में कोरोना महामारी की तीसरी लहर के मद्देनजर वेंटीलेटर की संख्या को बढ़ाने की मांग की गई।बैठक का संचालन भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष राजकिशोर द्वारा किया गया। इसके अलावा एक ज्ञापन जीएम एचआर भेल रानीपुर हरिद्वार और एक ज्ञापन निदेशक एचआर कॉरपोरेट को भेजा गया। धरने पर सत्यवीर सिंह, प्रचार मंत्री रविंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष गुलशन कुमार, मंत्री अरविंद कुमार समेत आदेश पालीवाल, राजीव कुमार, नरेश कुमार, लव कुमार, धर्मवीर सिंह, रंजन मुंडा, अरुण कुमार, सियाराम, नरेंद्र कुमार, मेहराज अली, महेंद्र सिंह, विजय कुमार, धीरेंद्र कुमार, छोटेलाल, सोनेश्वर कुमार, राजीव सिंह यादव, आलोक बौद्ध, अरविंद कुमार, देवेंद्र सिंह, नित्यानंद आदि शामिल रहे।


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक