Skip to main content

कैबिनेट मंत्री के प्रयासों से मिली श्यामपुर को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र

 हरिद्वार। कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के प्रयासों से श्यामपुर गांव को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की सौगात मिली है। मंत्री के आग्रह पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य केंद्र के लिए बजट पास कर दिया है। जिसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गयी है। चंडीघाट से लेकर चिड़ियापुर और लालढांग तक एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालढांग के जिम्मे करीब 80 हजार की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा था। कई वर्षों से लालढांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण के साथ ही श्यामपुर क्षेत्र में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग जोर पकड़ रही थी। हरिद्वार ग्रामीण विधायक और कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने का आग्रह किया। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने इस पर मुहर लगाते हुए बजट पास कर दिया है। तहसील के अधिकारियों ने श्यामपुर में जमीन भी चिह्नित कर ली है। स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण होने से ग्रामीण देवेंद्र नेगी, राजीव लखेड़ा, रमेश चंद्र, रणवीर चैहान, मनोज जोशी, सुरेश काला ने मंत्री का आभार जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी बीमारी का इलाज कराने के लिए 12 किलोमीटर दूर हरिद्वार जाना पड़ता था। अब जल्द ही स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण होने से क्षेत्रवासियों को काफी राहत मिलेगी। वहीं कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने बताया कि चुनाव के समय उन्होंने जनता से श्यामपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का भरोसा दिलाया था। जिसे पूरा कर दिया गया है। जल्द ही श्यामपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।


Comments

Popular posts from this blog

धूमधाम से गंगा जी मे प्रवाहित होगा पवित्र जोत,होगा दुग्धाभिषेक -डॉ0नागपाल

 112वॉ मुलतान जोत महोत्सव 7अगस्त को,लाखों श्रद्वालु बनेंगे साक्षी हरिद्वार। समाज मे आपसी भाईचारे और शांति को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ शुरू हुई जोत महोसत्व का सफर पराधीन भारत से शुरू होकर स्वाधीन भारत मे भी जारी है। पाकिस्तान के मुल्तान प्रान्त से 1911 में भक्त रूपचंद जी द्वारा पैदल आकर गंगा में जोत प्रवाहित करने का सिलसिला शुरू हुआ जो आज भी अनवरत 112वे वर्ष में भी जारी है। इस सांस्कृतिक और सामाजिक परम्परा को जारी रखने का कार्य अखिल भारतीय मुल्तान युवा संगठन बखूबी आगे बढ़ा रहे है। संगठन अध्यक्ष डॉ महेन्द्र नागपाल व अन्य पदाधिकारियो ने रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से  मुल्तान जोत महोत्सव के संबंध मे वार्ता की। वार्ता के दौरान डॉ नागपाल ने बताया कि 7 अगस्त को धूमधाम से  मुलतान जोट महोत्सव सम्पन्न होगा जिसके हजारों श्रद्धालु गवाह बनेंगे। उन्होंने बताया कि आजादी के 75वी वर्षगांठ पर जोट महोत्सव को तिरंगा यात्रा के साथ जोड़ने का प्रयास होगा। श्रद्धालुओं द्वारा जगह जगह सुन्दर कांड का पाठ, हवन व प्रसाद वितरण होगा। गंगा जी का दुग्धाभिषेक, पूजन के साथ विशेष ज्योति गंगा जी को अर्पित करेगे।

बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दलों ने 127 कांवडियों,श्रद्धालुओं को गंगा में डूबने से बचाया

  हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय के निर्देशन, अपर जिलाधिकारी पी0एल0शाह के मुख्य संयोजन एवं नोडल अधिकारी डा0 नरेश चौधरी के संयोजन में कांवड़ मेले के दौरान बी0ई0जी0 आर्मी के तैराक दल अपनी मोटरबोटों एवं सभी संसाधनों के साथ कांवडियों की सुरक्षा के लिये गंगा के विभिन्न घाटों पर तैनात होकर मुस्तैदी से हर समय कांवड़ियों को डूबने से बचा रहे हैं। बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दल द्वारा कांवड़ मेला अवधि के दौरान 127 शिवभक्त कांवडियों,श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया गया। 17 वर्षीय अरूण निवासी जालंधर, 24 वर्षीय मोनू निवासी बागपत, 18 वर्षीय अमन निवासी नई दिल्ली, 20 वर्षीय रमन गिरी निवासी कुरूक्षेत्र, 22 वर्षीय श्याम निवासी सराहनपुर, 23 वर्षीय संतोष निवासी मुरादाबाद, 18 वर्षीय संदीप निवासी रोहतक आदि को विभिन्न घाटों से बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दल द्वारा गंगा में डूबने से बचाया गया तथा साथ ही साथ प्राथमिक उपचार देकर उन सभी कांवडियों को चेतावनी दी गयी कि गंगा में सुरक्षित स्थानों में ही स्नान करें। कांवड़ मेला अवधि के दौरान बी0ई0जी0आर्मी तैराक दल एवं रेड क्रास स्वयंसेवकों द्वारा गंगा के पुलों एवं घाटों पर माइकिं

गुरु ज्ञान की गंगा में मन का मैल,जन्मों की चिंताएं और कर्त्तापन का बोध भूल जाता है - गुरुदेव नन्दकिशोर श्रीमाली

  हरिद्वार निखिल मंत्र विज्ञान एवं सिद्धाश्रम साधक परिवार की ओर से देवभूमि हरिद्वार के भूपतवाला स्थित स्वामी लक्ष्मी नारायण आश्रम में सौभाग्य कीर्ति गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन उल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। इस पावन पर्व के अवसर पर स्वामी लक्ष्मी नारायण आश्रम और आसपास का इलाका जय गुरुदेव व हर हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान रहा। परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद (डॉ नारायण दत्त श्रीमाली) एवं माता भगवती की दिव्य छत्रछाया में आयोजित इस महोत्सव को संबोधित करते हुए गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली ने गुरु एवं शिष्य के संबंध की विस्तृत चर्चा करते हुए शिष्य को गुरु का ही प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्वयं को देखने के लिए दर्पण के पास जाना पड़ता है,उसी प्रकार शिष्य को गुरु के पास जाना पड़ता है, जहां वह अपनी ही छवि देखता है। क्योंकि शिष्य गुरु का ही प्रतिबिंब है और गुरु भी हर शिष्य में अपना ही प्रतिबिंब देखते हैं। गुरु में ही शिष्य है और शिष्य में ही गुरु है। गुरु पूर्णिमा शिष्यों के लिए के लिए जन्मों से ढोते आ रहे कर्त्तापन की गठरी को गुरु चरणों में विसर्जित कर गुरु आलिंगन में बंधने का दिवस