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महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आम आदमी पार्टी संकल्पित-राजेन्द्र पाल गौतम

 हरिद्वार। दिल्ली से हरिद्वार पहुंचे आम आदमी पार्टी के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आम आदमी पार्टी की ओर से भरकस प्रयास किया जा रहा है। इस कड़ी में सीएम अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड के महिलाओं के लिए प्रतिमाह 1000 देने की घोषणा की है। इस पैसे को महिलाएं स्वयं पर खर्च कर सकेगी। गौरतलब है कि देवभूमि जन संवाद कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम हेतमपुर गांव पहुंचकर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इसके बाद बारात घर मे रखी गई। सभा मे महिलाओं से संवाद करते हुए केजरीवाल की चैथी घोषणा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना में महिलाओ को 1000 रूपए हर महीने मिलेंगे। इससे महिलाओ का सशक्तिकरण होगा। उनके हाथ में भी पैसे होंगे और वह अपनी इच्छा अनुसार उसे खर्च कर सकेंगे। ऐसा होने पर महिलाएं आगे बढ़ेगी। इसके पूर्व रानीपुर विधानसभा प्रभारी एवं पूर्वांचल प्रकोष्ठ उत्तराखंड के अध्यक्ष प्रशांत राय ने कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम का स्वागत किया। इस मौके पर पलटू,टीकम ,पवन ठाकुर,दीप्ति चैहान, सुनील लोहिया जोनल इंचार्ज, पियूष,धर्मेंद्र चैधरी,मुकेश,राजेश,सुनील पांडे, मनोज,प्रवीण रघुवीर सिंह पंवार, महावीर सिंह, सुजीत गुप्ता, वीरेश यादव,राम अवतार,अतुल राय,अमित साही, मोहन भट्ट, सचिन ,नितिन कुमार,रमेश कुमार एडवोकेट, विक्रम, मिथुन, शशि ,धर्मेंद्र गुलशन ,कन्हैया, सीमा सिंह, बॉबी सिंह, सुदेश, तेलू राम( बीडीसी मेंबर),टिंकू ,टीटू किरत पाल, नवीन ,नीरज जग्गू देवी, कुसुम लता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक