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दस दिवसीय राष्ट्रीय सरस मेला का समापन

उत्तराखंड समेत कई राज्यों के स्वयं सहायता समूह ने की शिरकत

 


हरिद्वार। जिला प्रशासन और उत्तराखंड राज्य ग्राम्य विकास विभाग द्वारा आयोजित 10 दिवसीय राष्ट्रीय सरस मेला का समापन हो गया। इस दौरान भारी भीड़ देखने को मिली जहां उत्तराखंड के पहाड़ी उत्पाद और मैदानी उत्पादों की जोरदार बिक्री हुई। वही राष्ट्रीय सरस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। उत्तराखंड संस्कृति विभाग के कलाकारों के अलावा हरिद्वार जनपद के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की। जगजीतपुर के मेडिकल कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय सरस मेले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी तादाद में दर्शक आए जिस तरह ही है सरस मेला ग्रामीण और शहरी से क्षेत्र के लोगों का संगम साबित हुआ और इसमें लघु भारत के दर्शन हुए डेढ़ सौ से ज्यादा स्टॉल इस सरस मेले में लगाए गए थे लोगों ने पहाड़ी उत्पादों कुमाऊं गढ़वाल के भट्ट मुंसियारी, चकराता ,उत्तरकाशी की राजमा कुमाऊं का भांगा, जम्बू ,उड़द ,गोहत की दाल, गडेरी माल्टा, पहाड़ी अदरक, लहसन ,कच्ची हल्दी की जमकर खरीदारी की और पहाड़ी व्यंजनों का लुफ्त उठाया। कुमाऊ की रहने वाली कृष्णा बिष्ट ने बताया कि हरिद्वार के सरस मेला में भारी भीड़ उमड़ी और देहरादून हल्द्वानी तथा अन्य क्षेत्रों में लगाए गए सरस मेलों के मुकाबले हरिद्वार का सरस मेला बेहद कामयाब रहा। यहां उनकी आमदनी भी अच्छी रही। सरस मेले में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय ,शांतिकुंज के देव संस्कृति विश्वविद्यालय ,संस्कृति निदेशालय देहरादून, देव भूमि सोसायटी ट्रस्ट रायवाला, महिला मंगल दल लालढांग और ढंडेरा-नारसन, आनंदमई सेवा सदन इंटर कॉलेज हरिद्वार, महर्षि विद्या मंदिर, डीएवी पब्लिक स्कूल,गुरु राम राय पब्लिक तथा अन्य कई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने कई मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रदान की। 20 दिसंबर को ग्रामीण विकास मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद महाराज और हरिद्वार जनपद के मुख्य विकास अधिकारी डॉक्टर सौरभ गहरवार ने राष्ट्रीय सरस मेले का उद्घाटन किया था। राष्ट्रीय सरस मेले का समापन बुधवार की देर शाम मुख्य अतिथि जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के परियोजना निदेशक आर सी तिवारी ने किया। उन्होंनेे कहा कि हरिद्वार का राष्ट्रीय सरस मेला बेहद सफल रहा जो ग्रामीण और शहरी परिवेश का सफल संगम साबित हुआ। उन्होने सहायक परियोजनाा निदेशक सुश्री नलिनीत घिल्डियाल केे प्रयासों की विशेष सराहना की और सफल संचालन के लिए बहादराबाद विकासखंड के ग्राम्य विकास अधिकारी विनोद मिश्रा को साधुवाद दिया। समापन के मौके पर विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। सहायक परियोजना निदेशक सुश्री नलिनीत घिल्डियाल ने इस कार्यक्रम की सफलता के लिए ग्रामीण विकास मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद, जिलााधिकारी  विनय शंकर पांडे,मुख्य विकास अधिकाारी डॉ श्री सौरभ गहरवार ,परियोजना निदेशक आर सी तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश तथा हरिद्वार जनपद के समस्त ग्रामीण आजीविका मिशन के पदाधिकारियों और स्वयं सहायता समूह का आभार जताया 


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