Skip to main content

मुस्लिम समाज ने दी जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि

 


हरिद्वार। तमिलनाडू के कन्नूर में हैलीकाॅप्टर हादसे का शिकार हुए सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नि मधुलिका रावत व सैन्य अधिकारियों के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ज्वालापुर के मुस्लिम समाज ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। इस अवसर पर हाजी नईम कुरैशी ने कहा कि चीफ आॅफ डिफेंस स्टाॅफ जैसे सेना के सर्वोच्च पद पर रहते हुए जनरल बिपिन रावत ने देश की सुरक्षा में अहम योगदान दिया। उनके कुशल नेतृत्व में सेना ने कई सैन्य अभियानों को सफलता पूर्वक अंजाम दिया। चीन और पाकिस्तान की घुसपैठ पर भी बिपिन रावत प्रभावी रोक लगाने में कामयाब रहे। चीन के साथ डोकलाम विवाद को हल करने में भी उनकी रणनीति निर्णायक रही। नईम कुरैशी ने कहा कि ऐसे जांबांज सैन्य अधिकारी का आकस्मिक निधन देश के लिए भारी क्षति है। जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। देश की सुरक्षा में उनका योगदान कभी भुला नही जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में जनरल बिपिन रावत के अहम योगदान को देखते हुए सरकार को उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए। सुब्हान कुरैशी व हाजी युनूस मंसूरी ने कहा कि सीडीएस के रूप में देश की सुरक्षा को मजबूत करने में जुटे जनरल बिपिन रावत एक बहादुर सैनिक थे। कुशल सैन्य नेतृत्व से जनरल बिपिन रावत ने भी देश दुनिया में उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया। सुहेल अख्तर व दिलशाद मंसूरी ने कहा कि दिवंगत जनरल बिपिन रावत युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। श्रद्धांजलि देने वालों में अबरार अब्बासी, हाजी शेर मोहम्मद, नाहिद कुरैशी, मनव्वर कुरैशी, सुब्हान कुरैशी, हाजी युनूस अंसारी, रफी खान, नाहिद कुरैशी, अरशद कुरैशी, आरिफ अख्तर, शाहनवाज कुरैशी, दिलशाद मंसूरी, याकूब मलिक, हाजी नसीम कुरैशी, मौहम्मद अहमद आदि शामिल रहे।  


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक